कोटा में राजस्थान सरकार पर खाद किल्लत और जबरन अटैचमेंट को लेकर सवाल उठाते भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे।   

कोटा, 22 अक्टूबर। राजस्थान में खाद की उपलब्धता को लेकर भाजपा सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में भाजपा की डबल इंजन सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और प्रशासन प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहे हैं, तो किसानों को सहकारी समितियों से खाली हाथ क्यों लौटना पड़ रहा है और उन्हें जरूरत के अनुसार खाद क्यों नहीं मिल रही है।

मनोज दुबे ने कहा कि राजस्थान में खाद की कमी नहीं होने के सरकारी दावों के बावजूद किसान खाद की किल्लत और खाद के साथ अटैचमेंट की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खाद की किल्लत के मुद्दे पर केवल दावे कर किसानों की परेशानियों को बढ़ा रही है। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मनोज दुबे ने डीएपी खाद 1,350 रुपये में उपलब्ध कराने और बिना अटैचमेंट खाद देने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाद की भारी किल्लत के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। अधिकांश स्थानों पर खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि सरकार और कृषि विभाग के दावे बेअसर नजर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निजी डीलरों पर खाद के साथ अटैचमेंट लेने के लिए मजबूर करने के आरोप लग रहे हैं। वहीं, कई स्थानों पर क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में मात्र दो-दो खाद के कट्टों का वितरण किया जा रहा है। ऐसे में सरसों सहित अन्य फसलों की बुवाई को लेकर किसान चिंतित हैं।

मनोज दुबे ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि मंत्री दावा कर रहे हैं कि राजस्थान में खाद की कोई किल्लत नहीं है और प्रदेश में डीएपी तथा यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उनका यह भी कहना है कि खरीफ की तरह रबी सीजन में भी किसानों को उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। मनोज दुबे ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविकता में किसान खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे घोर निंदनीय और बेहद शर्मनाक बताया।

मनोज दुबे ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में खाद की मांग से अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पहले से ही पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, हर किसान भाई को उसकी आवश्यकता के अनुसार समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मनोज दुबे ने सवाल किया कि यदि सरकार ने खाद की मांग से अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले से व्यवस्थाएं की हैं, तो प्रदेश का किसान खाद के लिए त्राहिमाम क्यों कर रहा है और उसे खाद की समस्या के समाधान के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है। खाद की उपलब्धता को लेकर सरकारी दावों और किसानों को हो रही परेशानी के बीच उन्होंने डीएपी खाद 1,350 रुपये में उपलब्ध कराने तथा बिना अटैचमेंट वितरण सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

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