कोटा के 70 उद्यमियों ने चीन-हांगकांग में देखीं आधुनिक तकनीकें, 30 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का किया दौरा
कोटा के एसएसआई एसोसिएशन के 70 उद्यमियों ने चीन और हांगकांग में तीन अंतरराष्ट्रीय एक्सपो, तीन बड़े व्यापारिक बाजारों और 30 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया। जानें, इस यात्रा से स्थानीय उद्योगों को क्या सीख मिली।
चीन और हांगकांग के व्यावसायिक दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक एक्सपो और इकाइयों का भ्रमण करने पहुंचे स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज (एसएसआई) एसोसिएशन कोटा के उद्यमी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
कोटा, 22 अक्टूबर। स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज (एसएसआई) एसोसिएशन, कोटा के 70 सदस्यीय उद्यमी प्रतिनिधिमंडल ने चीन और हांगकांग का अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक दौरा पूरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तीन अंतरराष्ट्रीय एक्सपो, तीन बड़े व्यापारिक बाजारों और 30 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर आधुनिक विनिर्माण तकनीक, स्वचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक व्यापार प्रणालियों का अध्ययन किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक मेहता, सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने हांगकांग में ग्लोबल सोर्सेज इलेक्ट्रॉनिक्स फेयर और रोबोटिक्स एंड एआई फेयर का अवलोकन किया। इसके अलावा, ग्वांगझोउ में आयोजित प्रसिद्ध कैंटन फेयर में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की विनिर्माण क्षमता और आपूर्ति नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझा।
यात्रा के दौरान उद्यमियों ने शेनझेन के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार, फोशान के फर्नीचर बाजार और ग्वांगझोउ के व्यापारिक केंद्रों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने 30 से अधिक उन्नत औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण कर आधुनिक उत्पादन प्रणालियों, स्वचालन और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक मेहता ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य कोटा के स्थानीय लघु एवं मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक विकास, आधुनिक विनिर्माण तकनीक, स्वचालन, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में हो रहे वैश्विक नवाचारों से जोड़ना था।
सचिव समीर सूद ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में 15 युवा उद्यमी और दो महिला उद्यमी भी शामिल थीं। यात्रा के दौरान पूर्व अध्यक्ष कमलदीप सिंह और राजकुमार जैन ने मार्गदर्शन किया, जबकि संयोजक नितिन अग्रवाल और उनकी टीम ने पूरे कार्यक्रम का समन्वय किया।
कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने बताया कि इस यात्रा से भारतीय लघु उद्योगों के लिए कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए आधुनिक मशीनरी, स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गुणवत्ता नियंत्रण और लागत प्रबंधन को आवश्यक माना गया।
यह आयोजन एसएसआई एसोसिएशन के ‘मेगा विजन’ के तहत ‘बिजनेस सर्किल’ पहल के तीसरे चरण ‘अंतरराष्ट्रीय एक्सपो एवं बिजनेस ग्रोथ’ का हिस्सा था। इस पहल के पहले दो चरण व्यावसायिक नेटवर्किंग और लर्निंग एंड डेवलपमेंट पर आधारित हैं। एसोसिएशन के अनुसार, चीन और हांगकांग से प्राप्त वैश्विक औद्योगिक अनुभव का उपयोग कोटा के उद्योगों में नई तकनीक अपनाने और स्थानीय व्यापार का विस्तार करने के लिए किया जाएगा।