तस्वीर में किसान नेता मनोज दुबे माला पहने और पगड़ी बांधे नजर आ रहे हैं।

कोटा में 17 सितम्बर को भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के चुनाव में किसान नेता मनोज दुबे को दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। मनोज दुबे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर किसान प्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। अतिशीघ्र भारतीय किसान महासभा की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद मनोज दुबे ने कहा कि किसानों की सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, खाद की किल्लत दूर करने, खाद वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था को समाप्त करने, किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी करने, किसानों को पेंशन देने, खेती-किसानी को पूर्ण रूप से जीएसटी से मुक्त करने, किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी करने, आवारा मवेशियों से फसल की सुरक्षा और डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फसलों की कीमत तय करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।

मनोज दुबे ने कहा कि देश का अन्नदाता आज चारों तरफ से संकट झेल रहा है। समय पर खाद नहीं मिलना, पर्याप्त बिजली नहीं मिलना, ई-टोकन व्यवस्था की जटिल प्रक्रिया, फसलों का उचित दाम नहीं मिलना, खेती की बढ़ती लागत, समय पर भुगतान नहीं होना और सिंचाई की गंभीर समस्याओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

उन्होंने किसानों से बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अतिशीघ्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव में बैठक कर किसान प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दूसरी बार चुने जाने के बाद मनोज दुबे ने किसान समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही है।

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