राजस्थान भूगोल परिषद् का राष्ट्रीय सम्मेलन, कोटा विश्वविद्यालय में समापन
कोटा में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन, भूगोल के क्षेत्र में शोध, ज्ञान-विनिमय और अकादमिक संवाद को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य।
तस्वीर में कोटा में एक कमरे के भीतर पोस्टर दिखाते हुए पांच पुरुष खड़े हैं।
राजस्थान भूगोल परिषद् के राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. शहाब फजल मुख्य वक्ता होंगे। कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरु प्रोफेसर विमला डूंकवाल तथा राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु प्रोफेसर निमित रंजन चौधरी विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत करेंगे।
समापन समारोह में अध्यक्ष प्रो. संतोष आनंद वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। आयोजन सचिव डॉ. जितेश जोशी धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। सम्मेलन में राजस्थान भूगोल परिषद् की अकादमिक गतिविधियों और भूगोल के क्षेत्र में उसके योगदान को प्रमुखता से रखा जाएगा।
राजस्थान भूगोल परिषद् की स्थापना वर्ष 1965 में राजस्थान के भूगोलवेत्ताओं के प्रथम सम्मेलन के अवसर पर हुई थी। परिषद् पिछले कई दशकों से भूगोल के क्षेत्र में शोध, अकादमिक संवाद, ज्ञान-विनिमय एवं युवा शोधकर्ताओं के प्रोत्साहन के लिए कार्य कर रही है।
परिषद् की शोध पत्रिका ‘Annals of Rajasthan Geographical Association’ भी इसकी अकादमिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोजन समिति के अनुसार, यह राष्ट्रीय सम्मेलन कोटा को देश के प्रमुख अकादमिक एवं बौद्धिक संवाद के केंद्र के रूप में रेखांकित करेगा।