कोटा के कनवास में आयोजित लाड़ली बहना रक्षा सूत्र कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को राखी बांधती महिलाएं और बालिकाएं।

कनवास में आयोजित ‘लाड़ली बहना रक्षा सूत्र कार्यक्रम’ में हजारों बहनों ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया। भारतीय जनता पार्टी मण्डल देवली एवं कनवास की ओर से आयोजित समारोह में नागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बहनों ने एक-एक कर मंत्री नागर को रक्षा सूत्र बांधा, श्रीफल भेंट किया और उनकी बलाइयां लीं।

समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि रक्षाबंधन बहनों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का पवित्र संकल्प है। भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का स्थान सर्वोच्च है और एक भाई के रूप में वे सांगोद विधानसभा क्षेत्र की हर बहन के सुख-दुख में सदैव तत्पर रहेंगे।

नागर ने महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सांगोद क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘सुपोषित मां अभियान’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की 50 प्रतिशत आबादी को मुख्यधारा से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। सुपोषित मां अभियान के तहत आने वाले समय में गर्भवती बहनों को पोषण सामग्री किट का वितरण किया जा रहा है। जच्चा और बच्चा सुरक्षित रहेंगे तो आने वाली पीढ़ी भी स्वस्थ और समृद्ध बनेगी। इसके साथ ही ‘राजीविका’ और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

समारोह में ऊर्जा मंत्री ने क्षेत्र में जारी और स्वीकृत चौमुखी विकास कार्यों का ब्यौरा भी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कुराड-ढोटी-कंदाफल-मंडप-श्यामपुरा-सांगोद सड़क के चौड़ीकरण का कार्य 45 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हो चुका है। सावन भादो नहर की 8 करोड़ रुपये से मरम्मत, अरु नदी पर 4.5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया व एनीकट, काली सिंध नदी पर उच्च स्तरीय पुल तथा दरा घाटी में रेलवे के दोनों ओर आरयूबी का निर्माण तेजी से प्रगति पर है।

कनवास और आसपास के ग्रामीण अंचलों के कायाकल्प का रोडमैप रखते हुए नागर ने कनवास में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, अटल प्रगति पथ और बस स्टैंड, बालूखेड़ा में नए स्वास्थ्य केंद्र तथा आमली झाड़ में 4 करोड़ रुपये की लागत से कक्षा-कक्षों के निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने जालिमपुरा, अतरालिया, लोड़ाहेड़ा और कैलाशपुरी में एनीकट तथा बांस्याहेड़ी में सौर ऊर्जा आधारित तालाब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिंचाई और पेयजल संकट को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ क्षेत्र में जारी विकास कार्यों को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।

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