तस्वीर में कोटा के श्रावणी तीज मेला महोत्सव की शोभायात्रा के दौरान बग्गी में सवार लोग और सजी हुई झांकी दिखाई दे रही है।

कोटा में 59वें श्रावणी तीज मेला महोत्सव का शनिवार को भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा के साथ आगाज हुआ। श्रावणी तीज मेला महोत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय मेले के शुभारंभ अवसर पर कोटा जंक्शन स्थित कुलकर्णी हॉल से विशेष पुष्पों एवं सोलह श्रृंगार से सजी तीज माता की पारंपरिक सवारी ठाठ-बाठ के साथ निकाली गई। तीज माता के दर्शन के लिए सड़कों पर जनसमुदाय उमड़ पड़ा और जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। इसी के साथ स्टेशन स्थित हाट बाजार में 11 दिवसीय तीज मेले की रंगारंग शुरुआत हुई।

मेला अध्यक्ष बसंत भरावा ने बताया कि शोभायात्रा से पूर्व कुलकर्णी हॉल में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का संचालन एंकर नरेश कारा ने किया। मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा रहे, जबकि अध्यक्षता पूर्व प्रतिपक्ष नेता विवेक राजवंशी ने की। विशेष अतिथियों में गोविंद नारायण अग्रवाल, पूर्व उपमहापौर राकेश सोरल, लव शर्मा, रमेश चतुर्वेदी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष हेमंत विजय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, सुनीता भरावा, रूपाली भरावा, अलका दुलारी, उषा ठाकुर और निशा गौतम ने विधि-विधान से तीज माता की पूजा-अर्चना की तथा सुहाग चूड़ा और श्रृंगार सामग्री भेंट की। इसके बाद शोभायात्रा शीतला चौक और रानी जी की धर्मशाला होते हुए भीमगंजमंडी थाने के सामने स्थित नर्वदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां तीज माता की भव्य महाआरती की गई। इसके उपरांत रात्रि में यात्रा भरावा सदन पहुंची, जहां विश्राम हुआ।

शोभायात्रा में जैमिनी बैंड की सुमधुर स्वर लहरियों के साथ लोक कलाकारों ने कच्ची घोड़ी, अलगोजा और भवई नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। घोड़ा-बग्गी में सजी राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और हनुमान जी की जीवंत झांकियां तथा लहरिया परिधान में सजी महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग में 21 स्वागत द्वार बनाए गए, जहां पुष्प वर्षा कर तीज माता की सवारी का अभिनंदन किया गया। मेले के 59वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजन समिति की ओर से मार्ग में 59 किलो प्रसिद्ध घेवर का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

मेला संयोजक श्याम भरावा ने बताया कि वर्ष 1968 में स्व. नंदकिशोर भरावा और भंवरलाल भरावा द्वारा स्थापित यह मेला 11 दिनों तक चलेगा। हाट बाजार में झूले, खिलौने और चाट-पकौड़े की दुकानें सज गई हैं। आगामी कार्यक्रमों में 16 अगस्त को सदाबहार गीतों की शाम ‘भूली बिसरी यादें’, 17 अगस्त को खाटू श्याम जागरण, 18 और 19 अगस्त को देशभक्ति संध्या, 20 अगस्त को ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’, 21 अगस्त को सुरीली संगीत महफिल और 22 अगस्त को रॉकस्टार उमंग मित्तल ग्रुप की प्रस्तुति होगी। 25 अगस्त को भव्य सम्मान समारोह के साथ मेले का समापन होगा।

इसी दौरान श्रावणी तीज मेला महोत्सव समिति ने कोटा स्टेशन क्षेत्र में ‘तीज माता’ का भव्य मंदिर स्थापित करने के लिए कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा को मांग पत्र सौंपा। समिति अध्यक्ष बसंत कुमार भरावा के नेतृत्व में समिति ने कहा कि पिछले 59 वर्षों से कोटा स्टेशन हाट बाजार में श्रावणी तीज मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कोटा दशहरे के बाद 11 दिनों तक चलने वाला यह हाड़ौती का दूसरा सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है। लोक पर्व को चिरस्थाई रूप देने के लिए समिति ने स्टेशन क्षेत्र के किसी पार्क में तीज माता मंदिर के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर विधायक संदीप शर्मा ने सहमति प्रदान कर दी।

इसके साथ ही समिति की ओर से मेला लगाने के लिए बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। 59वें श्रावणी तीज मेले की शुरुआत के साथ कोटा स्टेशन हाट बाजार में 11 दिनों तक चलने वाले सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया है।

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