प्रकृति के संतुलन के लिए जंगलों का संरक्षण ही एकमात्र विकल्प: ऊर्जा मंत्री
कोटा के इंद्र विहार में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद रोजड़ी फॉरेस्ट में वृहद पौधारोपण हुआ। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जंगल संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी बताया।
तस्वीर में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर कोटा के रोजड़ी फॉरेस्ट एरिया में आयोजित पौधारोपण अभियान के दौरान पौधे को पानी देते हुए नजर आ रहे हैं, जिनके साथ समिति के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद हैं।
कोटा में स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर इंद्र विहार विकास समिति की ओर से ध्वजारोहण के साथ व्यापक पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इंद्र विहार स्थित वृंदावन पार्क में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम में क्षेत्र के निवासियों, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद रोजड़ी फॉरेस्ट एरिया में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की मौजूदगी में वृहद पौधारोपण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वृंदावन पार्क में गरिमामय ध्वजारोहण से हुई। राष्ट्रगान के गूंजते स्वरों के बीच उपस्थित लोगों ने देश की अखंडता और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। ध्वजारोहण के बाद समिति के सदस्य, पदाधिकारी और आम नागरिक रोजड़ी फॉरेस्ट एरिया पहुंचे, जहां व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर शामिल हुए और स्वयं पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रकृति के संतुलन और गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए जंगलों का संरक्षण और अधिक से अधिक पौधारोपण ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि आज रोपे गए पौधे आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा और स्वच्छ वातावरण का वरदान साबित होंगे।
ऊर्जा मंत्री ने पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा और हरित आवरण दोनों को एक साथ बढ़ाना होगा।
समिति के अध्यक्ष अशोक लड्ढा ने उपस्थित नागरिकों और समिति के सदस्यों को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहने, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखने की सामूहिक जिम्मेदारी का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाना एक पवित्र कार्य है, लेकिन उसकी निरंतर देखभाल, सुरक्षा और खाद-पानी का ध्यान रखना उससे भी बड़ा कर्तव्य है। यदि अपने लगाए पौधों को जीवित रखा जा सके, तभी ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि समिति भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे पर्यावरण हितैषी अभियानों का संचालन करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद व विपक्ष के नेता विवेक राजवंशी, पार्षद योगेश राणा और गोपाल राम मंडा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा समिति के संरक्षक अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, सलाहकार बोर्ड अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी, सचिव विपिन सूद, कोषाध्यक्ष रामस्वरूप शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंदानी सहित कार्यकारिणी के समस्त सदस्य और भारी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प का भी अवसर बना।