कोटा में इको फ्रेंडली गणेशोत्सव के तहत सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की कार्यशाला में प्राकृतिक मिट्टी से बनाई जा रही भगवान गणेश की प्रतिमाएं।

कोटा, 8 अगस्त। गणेश महोत्सव को इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ की पहल के तहत ‘इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब’ की कार्यशाला में गणपति प्रतिमाओं को अंतिम आकार दिया जा रहा है। महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के संयोजन में क्लब के प्रथम अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल और मुख्य संरक्षक डॉ. अरुणा अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां चल रही हैं। अभियान के तहत गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं को 1151 मिट्टी की गणपति प्रतिमाएं निशुल्क वितरित की जाएंगी। इसके लिए स्थापित कार्यशाला में मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को भव्य और आकर्षक रूप प्रदान कर रहे हैं।

क्लब के अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि घर-परिवारों में व्यक्तिगत रूप से स्थापित करने के लिए 9 इंच और 12 इंच की सुंदर प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। वहीं, विभिन्न सार्वजनिक पंडालों और प्रमुख स्थानों पर स्थापना के लिए 4 फीट तथा 6 फीट आकार की भव्य गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। सभी प्रतिमाएं पूरी तरह प्राकृतिक मिट्टी से बनाई जा रही हैं और इनके सजावटी कार्य में केवल जल में आसानी से घुलनशील इको फ्रेंडली रंगों का उपयोग किया जा रहा है।

डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि क्लब ने पर्यावरण और पर्यावरण-स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस और विषैले रासायनिक रंगों से निर्मित मूर्तियों के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया है। क्लब के अनुसार, पीओपी की मूर्तियां जलाशयों में वर्षों तक नहीं घुलती हैं। इनमें प्रयुक्त रसायनों के कारण जल प्रदूषित होने के साथ जलीय जीवों के जीवन पर भी गंभीर संकट उत्पन्न होता है। दूषित जल कई गंभीर बीमारियों की मुख्य जड़ है। ऐसे में जल स्रोतों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। इसी उद्देश्य से 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर इको फ्रेंडली प्रतिमाएं स्थापित करने का संकल्प लिया गया है।

क्लब के महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि निशुल्क इको फ्रेंडली प्रतिमाओं के वितरण को लेकर आमजन में भारी उत्साह है। लोग लगातार क्लब के पदाधिकारियों से प्रतिमाएं प्राप्त करने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जनता की बढ़ती मांग को देखते हुए क्लब ने निशुल्क वितरित की जाने वाली प्रतिमाओं की संख्या पूर्व निर्धारित 1059 से बढ़ाकर 1151 कर दी है। प्रतिमाओं के वितरण की अंतिम तिथि की घोषणा सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी।

प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित गणपति प्रतिमाओं और जल में आसानी से घुलनशील इको फ्रेंडली रंगों के माध्यम से क्लब का यह अभियान गणेश महोत्सव के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा। कार्यशाला में अंतिम आकार ले रहीं 1151 प्रतिमाएं 14 सितंबर की गणेश चतुर्थी पर इको फ्रेंडली गणेशोत्सव के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार की जा रही हैं।

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