तस्वीर में एम.डी. मिशन कॉलेज में आयोजित स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथि, सदस्य और प्रतिभागी नजर आ रहे हैं।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर रोटरी क्लब पद्मिनी एवं एम.डी. मिशन कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों ने समाज से स्तनपान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और माताओं को घर, कार्यस्थल तथा सार्वजनिक स्थानों पर सहज एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

रोटरी क्लब पद्मिनी की अध्यक्ष दीप्ति राजावत ने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य माताओं, युवाओं एवं समाज में स्तनपान के महत्व तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सी.पी. दासगुप्ता ने कहा कि स्तनपान कराने वाली माताओं को घर, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर सहज एवं सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी संकोच के अपने शिशु को स्तनपान करा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य का जागरूक नागरिक बताते हुए कहा कि वे जहां भी जाएं, स्तनपान के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभों का संदेश समाज तक पहुंचाएं।

डॉ. रश्मि दाधीच ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए प्राकृतिक वैक्सीन के समान है। इससे नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और आवश्यक एंटीबॉडीज़ प्राप्त होती हैं, जो अनेक संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने जन्म के तुरंत बाद स्तनपान प्रारंभ करने तथा जीवन के पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

एम.डी. मिशन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक राज दाधीच ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और नई पीढ़ी को संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इस संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष दीप्ति राजावत ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर क्लब की उपाध्यक्ष मंजू यादव, सचिव डॉ. प्रीति शर्मा, दीप्ति गुप्ता, यज्ञदत्त हाड़ा सहित क्लब के सदस्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए स्तनपान जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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