लघु उद्योग भारती के प्रयास सफल, रीको की अधिसूचना से 37 औद्योगिक क्षेत्रों के 5,000 उद्यमियों को बड़ी राहत
रीको की 6 अगस्त की अधिसूचना से 37 हस्तांतरित औद्योगिक क्षेत्रों के करीब 5,000 उद्यमियों को राहत मिली। वर्षों से लंबित प्रशासनिक मामलों के समाधान का मार्ग खुला।
तस्वीर में लघु उद्योग भारती कोटा के बैनर के सामने एक हॉल में खड़े हुए उद्यमी नजर आ रहे हैं।
लघु उद्योग भारती के सतत एवं प्रभावी प्रयासों के बाद प्रदेश के 37 हस्तांतरित (Transferred) औद्योगिक क्षेत्रों के लगभग 5,000 उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। माननीय मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर रीको द्वारा 6 अगस्त को जारी महत्वपूर्ण अधिसूचना के माध्यम से पिछले लगभग तीन वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक बाधा दूर होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इन 37 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड हस्तांतरण (Transfer), बैंक एनओसी, विक्रय अनुमति (Sale Permission), लीज से संबंधित कार्य, नियमितीकरण सहित विभिन्न प्रशासनिक अनुमतियां लंबे समय से लंबित थीं। इसके कारण हजारों उद्यमियों को आर्थिक, बैंकिंग एवं व्यावसायिक गतिविधियों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
रीको की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पूर्व में हस्तांतरित औद्योगिक क्षेत्रों का प्रबंधन, भूखंड हस्तांतरण, लीज नवीनीकरण, भूमि उपयोग परिवर्तन, नियमितीकरण, उप-विभाजन, विलय तथा अन्य सभी प्रशासनिक कार्य अब रीको के प्रचलित नियमों के अनुसार संपादित किए जाएंगे। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
लघु उद्योग भारती ने इस विषय को लगातार राज्य सरकार और रीको प्रबंधन के समक्ष प्रमुखता से उठाते हुए उद्यमियों की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराया। संगठन के विभिन्न स्तरों पर किए गए सतत प्रयासों और समन्वय के परिणामस्वरूप प्रदेश के हजारों उद्यमियों के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय संभव हो सका।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती ने इस जनहितकारी एवं उद्योग हितैषी निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री तथा रीको प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। संगठन ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश जी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री घनश्याम जी ओझा तथा प्रदेश अध्यक्ष श्री योगेन्द्र शर्मा के मार्गदर्शन और सतत प्रयासों के प्रति भी विशेष आभार जताया।
लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सलाहकार श्री गोविन्दराम जी मित्तल, कोटा इकाई अध्यक्ष श्री अंकुर गुप्ता तथा सचिव श्री संदीप जांगिड़ ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के हजारों उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे वर्षों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण होगा, उद्योगों को बैंकिंग एवं प्रशासनिक कार्यों में राहत मिलेगी तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
लघु उद्योग भारती ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी उद्योगों से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण विषयों का समाधान सरकार एवं संबंधित विभागों के सहयोग से इसी प्रकार होता रहेगा।