डी.सी.एम. श्रीराम लिमिटेड, कोटा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन इस बार भी भव्य रूप में किया जा रहा है। श्रीराम कला मंदिर परिसर में 3 व 4 सितम्बर को भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं से संबंधित झाँकियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। झाँकियों के दर्शन का समय साँय 7 बजे से रहेगा।

वर्ष 1971 से डी.सी.एम. श्रीराम लिमिटेड, कोटा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यन्त उत्साह, श्रृद्धा एवं भव्यता से मनाया जाता रहा है। इस आयोजन में कोटा शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की जनता की उल्लेखनीय भागीदारी रही है। वर्ष 2019 में स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों तथा आसपास के गांवों से आए लोगों सहित लगभग 1,50,000 दर्शकों ने 22 अति सुंदर झाँकियों के दर्शन किए थे। इसके पश्चात कोविड़-19 महामारी के कारण इस आयोजन को स्थगित कर दिया गया था।

इस वर्ष कुल 22 झाँकियों में से 19 विद्युत चलित झाँकियाँ सजाई जा रही हैं। इनमें कैलाश पर्वत, कृष्ण जन्म, यमुना पार, कन्या वध, बाल रूप, माखन लीला, दुग्धपान लीला, सुदामा सत्कार, कालिया मर्दन, नौका विहार, राधाकृष्ण मंदिर, दशावतार, कमलेश्वर, गोवर्धनधारी, गज वध, कंस वध, द्रोपदी चीर हरण, विराट रूप, सारथी रूप, भीष्म पितामह, श्री कृष्ण की प्रतिकृति व राधाकृष्ण झाँकी प्रमुख हैं।

इस वर्ष राधा-कृष्ण द्वारा नौका विहार की झाँकी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इसके अतिरिक्त भगवान श्री कृष्ण का एक कटआउट तथा भगवान शिव की मूर्ति भी आकर्षण का केन्द्र रहेगी।

झाँकी स्थल को पूर्ण रूप से निखारा गया है और विशेष विद्युत सज्जा की गयी है। दर्शनों में सुगमता के लिये बैरीकेट लगाए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिये डी.सी.एम. श्रीराम लिमिटेड़ के अधिकारी व सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे। 3 व 4 सितम्बर को होने वाला यह आयोजन डी.सी.एम. श्रीराम लिमिटेड में वर्ष 1971 से चली आ रही श्री कृष्ण जन्माष्टमी की परंपरा को फिर से भव्य रूप में सामने लाएगा।

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