एसोसिएशन ऑफ मैथेमेटिक्स टीचर्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित नेशनल मैथमेटिकल टैलेंट कॉन्टेस्ट (एनएमटीसी) के पहले चरण की परीक्षा रविवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक शहर के विभिन्न केंद्रों पर सम्पन्न हुई। अंग्रेजी माध्यम में आयोजित इस परीक्षा में कक्षा 5 से लेकर कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा में शुरुआत के सवाल हमेशा की तरह आसान रहे, लेकिन अंतिम चरण में प्रश्नों का स्तर काफी कठिन रहा।

मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि कक्षा 5 और 6 के विद्यार्थियों के लिए गॉस, कक्षा 7 और 8 के लिए काप्रेकर, कक्षा 9 और 10 के लिए रामानुजन, कक्षा 11 और 12 के लिए भास्कर तथा बीएससी और बीटेक विद्यार्थियों के लिए आर्यभट्ट कॉन्टेस्ट होता है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणितीय क्षमता, तार्किक सोच और मौलिक समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना है।

एनएमटीसी का पाठ्यक्रम नियमित शिक्षा से थोड़ा अलग और वैचारिक होता है। इसमें मुख्य रूप से नंबर थ्योरी, एल्जेब्रा, ज्योमेट्री और कॉम्बिनेटरिक्स जैसे विषय शामिल हैं। रविवार को हुई परीक्षा में गॉस कॉन्टेस्ट में कुल 20, जबकि बाकी कॉन्टेस्ट में 30 मल्टीपल च्वाइस और फिल इन द ब्लैंक्स सवाल पूछे गए। प्रश्नपत्र में शुरुआती सवाल आसान रहे, जबकि अंत में विद्यार्थियों के सामने काफी कठिन सवाल आए।

कॉन्टेस्ट की शुरुआती आंसर की सोमवार को जारी होगी। विद्यार्थियों को मंगलवार शाम 4 बजे तक आपत्ति दर्ज करवाने का अवसर मिलेगा। बुधवार को अंतिम आंसर की जारी की जाएगी, जबकि 7 सितंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। पहले चरण में शामिल विद्यार्थियों में से 10 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन अगले चरण के लिए किया जाएगा।

दूसरे चरण की परीक्षा 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। नितिन विजय ने बताया कि दूसरे चरण में केवल 8 से 10 सब्जेक्टिव सवाल होंगे। इसमें केवल उत्तर निकालना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पूरा स्टेप-बाय-स्टेप डेरिवेशन लिखना होगा। विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से थ्योरम और फार्मूले का उल्लेख करते हुए उत्तर लिखना होगा। ऐसे में दूसरे चरण की तैयारी के लिए स्टेप्स लिखने का अभ्यास जरूरी होगा।

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में सफलता के लिए विद्यार्थियों को पिछले वर्षों के पेपर में आए अधिक से अधिक सवाल हल करने चाहिए। इससे टाइम मैनेजमेंट बेहतर होगा और परीक्षा के स्तर का भी अंदाजा लगेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए अपने कठिन विषयों की पहचान करना भी जरूरी है। पेपर हल करते समय यह देखना चाहिए कि किस टॉपिक के सवाल अधिक गलत हो रहे हैं, जैसे नंबर थ्योरी या ज्योमेट्री। इसके बाद इन टॉपिक्स को दोबारा पढ़कर उनकी अवधारणाओं को मजबूत करना चाहिए।

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