कोटा: दिगंबर जैन सोशल ग्रुप 'अनुभव' का दल अयोध्या और वाराणसी यात्रा पर रवाना
वरिष्ठ दंपतियों का 55 सदस्यीय दल अयोध्या में श्रीराम मंदिर व वाराणसी में काशी विश्वनाथ के साथ जैन तीर्थों के दर्शन करेगा।
तस्वीर में कोटा रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर झंडा फहराकर यात्रा रवाना करते दिगंबर जैन समाज सदस्य।
कोटा। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ‘अनुभव’ के 55 दम्पति सदस्यों का दल शुक्रवार शाम अयोध्या एवं वाराणसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा के लिए रवाना हुआ। रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमैन एवं नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला तथा सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।
ग्रुप अध्यक्ष अशोक जोरा तथा संयोजक राजेन्द्र बज, जे.के. जैन, पी.सी. गोधा एवं अशोक राँवका ने बताया कि यात्रा के दौरान सदस्य अयोध्या में श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी और सरयू नदी के दर्शन करेंगे। इसके बाद वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर का भ्रमण करेंगे। इस दौरान सदस्यों को धार्मिक स्थलों के इतिहास और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।
राष्ट्रीय अतिरिक्त महासचिव जे.के. जैन ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासतों से परिचित होने के साथ जैन धर्म की महत्वपूर्ण धरोहरों के दर्शन करना भी है। अयोध्या में विश्वविख्यात गणिनी आर्यिका रत्न श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के दर्शन का अवसर मिलेगा। उनके सानिध्य में शांतिधारा, पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर मंगल प्रवचन का लाभ लिया जाएगा।
इसके बाद दल वाराणसी पहुंचेगा, जहां काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के साथ जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थलियों के दर्शन किए जाएंगे। सदस्यों को इन तीर्थस्थलों के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।
रेडक्रॉस के स्टेट चेयरमैन एवं नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला ने कहा कि वरिष्ठ दम्पति सदस्यों की यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव का संदेश भी देगी। उन्होंने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं विभिन्न धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासतों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।
जैन समाज अध्यक्ष प्रकाश बज ने दल की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए सभी सदस्यों के सुरक्षित एवं सुखद यात्रा से लौटने की शुभकामना व्यक्त की। अयोध्या और वाराणसी की यह यात्रा धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ जैन धर्म की महत्वपूर्ण धरोहरों और व्यापक सांस्कृतिक विरासत से परिचय का अवसर प्रदान करेगी।