पुणे के निखिल गाडे ने 50 पैसे के पांच हजार सिक्के एकत्र कर विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र हासिल किया।

महाराष्ट्र के पुणे जिले के भोर तालुका स्थित कापूरहोळ के निखिल माया दत्तात्रय गाडे ने भारतीय मुद्रा के 50 पैसे के 5 हजार सिक्कों का संग्रह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उनकी इस विशिष्ट उपलब्धि को ‘फॉरेव्हर स्टार बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने मान्यता देते हुए विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र प्रदान किया है। सिक्कों के संग्रह के शौक से हासिल हुई इस उपलब्धि ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

निखिल गाडे ने भारतीय मुद्रा के 50 पैसे के कुल 5 हजार सिक्के संग्रहित किए हैं। उनकी इस उपलब्धि का नाम पहले ही लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसी राष्ट्रीय स्तर की रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज हो चुका है। अब ‘फॉरेव्हर स्टार बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ से प्रमाणपत्र मिलने के बाद उनके सिक्का संग्रह को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है। प्रमाणपत्र पर जारी करने की तारीख 3 अक्टूबर 2026 अंकित है।

सिक्कों का संग्रह केवल एक शौक नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देश के इतिहास, मुद्रा व्यवस्था में हुए बदलावों और आर्थिक यात्रा का अध्ययन करने का अवसर भी मिलता है। निखिल गाडे ने 50 पैसे के सिक्कों का बड़े पैमाने पर संग्रह कर अपने इस शौक को रिकॉर्ड में बदल दिया है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि किसी विषय के प्रति निरंतर रुचि और लगन के माध्यम से अलग पहचान बनाई जा सकती है।

इस सिक्का संग्रह के कार्य को देखते हुए मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से निखिल गाडे को ‘मानद डॉक्टरेट’ की उपाधि से सम्मानित किए जाने की भी जानकारी है। उनकी इस सफलता के पीछे उनके पिता दत्तात्रय रघुनाथ गाडे, जो सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक हैं, और शाम दत्तात्रय गाडे का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा है। परिवार के सहयोग से निखिल को अपने शौक को आगे बढ़ाने और उसे रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने की प्रेरणा मिली।

राष्ट्रीय स्तर की रिकॉर्ड पुस्तकों में अपनी उपलब्धि दर्ज कराने के बाद अब विश्व रिकॉर्ड में स्थान बनाने वाले निखिल गाडे की इस सफलता पर उन्हें बधाइयां दी जा रही हैं। 50 पैसे के 5 हजार सिक्कों का उनका संग्रह उनके निरंतर प्रयास और सिक्कों के प्रति रुचि की विशिष्ट पहचान बन गया है।

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