लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सद्गुरु बाळूमामा की 134वीं जयंती के अवसर पर आदमापूर में शुक्रवार, 23 तारीख को सुबह 9 बजे भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सद्गुरु बाळूमामा विकास फाउंडेशन, आदमापूर और अर्पण ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वावधान में यह शिविर बाळूमामा देवालय में दत्तमूर्ति के सामने आयोजित होगा। पिछले 25 वर्षों से लगातार चल रहे इस सामाजिक अभियान के माध्यम से रक्तदान को बढ़ावा देने के साथ जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देने का प्रयास किया जा रहा है।

सद्गुरु बाळूमामा की जयंती सहित विभिन्न धार्मिक उत्सवों के अवसर पर सद्गुरु बाळूमामा विकास फाउंडेशन की ओर से हर साल कई सामाजिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। निःशुल्क अन्नछत्र, कन्यादान वितरण और श्री पुरस्कार जैसे उपक्रमों के माध्यम से फाउंडेशन सामाजिक दायित्व निभा रहा है। इसी सेवाभावी कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रक्तदान शिविर है, जिसका आयोजन हर वर्ष बाळूमामा जयंती के अवसर पर किया जाता है।

फाउंडेशन के अध्यक्ष विजयराव गुरव ने इस पहल की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर से ही बाळूमामा के श्रद्धालुओं, युवा कार्यकर्ताओं और रक्तदाताओं का इस अभियान को उत्साहपूर्ण समर्थन मिलता रहा है। एक छोटे से उपक्रम के रूप में शुरू हुई यह सामाजिक सेवा अब 25 वर्षों का सफर पूरा कर चुकी है। रक्तदान केवल सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की उम्मीद जगाने वाला कार्य है। इसी भावना के साथ इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस रक्तदान शिविर के माध्यम से अब तक 5 हजार से अधिक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया है। इससे जरूरतमंद मरीजों को काफी लाभ मिला है। जानकारी के अनुसार, अर्पण ब्लड बैंक ने आवश्यकता पड़ने पर लगभग एक हजार लोगों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया है। इस तरह धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा को जोड़ने वाली यह पहल कई मरीजों के लिए सहायता का आधार बनी है।

इस वर्ष के रक्तदान शिविर का उद्घाटन वरिष्ठ ट्रस्टी भिकाजी शिंगारे और आप्पासाहेब पुजारी के हाथों होगा। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य व्यक्ति, बाळूमामा के श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा वर्ग उपस्थित रहेंगे। अध्यक्ष विजयराव गुरव ने जयंती के अवसर पर आयोजित इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर रक्तदान करने की अपील की है।

श्रद्धा, सेवा और सामाजिक दायित्व के संगम के रूप में आयोजित यह रक्तदान शिविर बाळूमामा के विचारों को कर्म के माध्यम से नमन करने का अवसर प्रदान करेगा। पिछले 25 वर्षों में 5 हजार से अधिक रक्तदाताओं की भागीदारी और जरूरत के समय लगभग एक हजार लोगों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने में अर्पण ब्लड बैंक की भूमिका इस पहल के सामाजिक महत्व को रेखांकित करती है।

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