कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में स्पेक्ट्रोस्कोपी पर आयोजित विशेष व्याख्यान।   

कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में रसायनशास्त्र के विद्यार्थियों को पदार्थों की आणविक संरचना और उनके गुणों को समझने में सहायक स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीकों की जानकारी दी गई। श्री मौनी विद्यापीठ संचालित इस महाविद्यालय में रसायनशास्त्र विभाग, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और विज्ञान मंडल के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्पेक्ट्रोस्कोपी’ विषय पर एकदिवसीय विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें आजरा महाविद्यालय के विशेषज्ञ व्याख्याता डॉ. एस. बी. सावंत ने विद्यार्थियों को इस तकनीक के महत्व, मूलभूत सिद्धांतों और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों की जानकारी दी।

डॉ. सावंत ने बताया कि स्पेक्ट्रोस्कोपी रसायनशास्त्र में पदार्थों की संरचना, गुणधर्म और आणविक स्तर की विशेषताओं को समझने की उपयोगी तकनीक है। उन्होंने इन्फ्रारेड (IR), अल्ट्रावायलेट-विजिबल (UV-Visible), न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस (NMR) और मास स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी प्रमुख तकनीकों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

उन्होंने सरल भाषा में बताया कि इन तकनीकों का उपयोग पदार्थों की पहचान करने, अणुओं की संरचना निर्धारित करने तथा अनुसंधान और विश्लेषणात्मक रसायनशास्त्र में किस प्रकार किया जाता है। व्याख्यान में विद्यार्थियों को इन तकनीकों के मूलभूत सिद्धांतों के साथ उनकी व्यावहारिक उपयोगिता से भी परिचित कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। इस मार्गदर्शन से उन्हें विषय की गहन समझ विकसित करने के साथ उच्च शिक्षा, प्रयोगशाला में विश्लेषण और अनुसंधान के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिली।

कार्यक्रम का स्वागत और प्रास्ताविक प्रा. डॉ. एस. एम. पाटील ने किया। उन्होंने व्याख्यान आयोजित करने के उद्देश्य को स्पष्ट किया। मुख्य संयोजक डॉ. सी. आर. पाटील ने संचालन किया, जबकि प्रा. एस. एम. वरुटे ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के एम.एस्सी. समन्वयक डॉ. यू. बी. चौगले, डॉ. पी. आर. खराडे, प्रा. डी. बी. मोहिते, डॉ. एस. एम. बागवान, प्रा. एस. एस. वरुटे, प्रा. एस. एस. कुदळे और प्रा. डी. ए. फडणीस सहित प्राध्यापक तथा विज्ञान शाखा के विद्यार्थी उपस्थित थे। इस विशेष व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को स्पेक्ट्रोस्कोपी की प्रमुख तकनीकों और रसायनशास्त्र में उनके महत्व को समझने का अवसर मिला।

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