कोल्हापुर में 'फाउंडर्स टेबल' संवाद सत्र के दौरान स्टार्टअप उद्यमियों से चर्चा करते राजे समरजीतसिंह घाटगे।

कोल्हापुर में नवउद्यमियों के स्टार्टअप्स को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने और उनकी नवीन व्यावसायिक संकल्पनाओं को उद्योग जगत तक पहुंचाने के लिए राजर्षि शाहू स्टार्टअप मिशन के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में आयोजित ‘फाउंडर्स टेबल’ विशेष संवाद सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के नवउद्यमियों ने शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजीतसिंह घाटगे के साथ सीधे संवाद कर अपने स्टार्टअप्स और नवीन व्यावसायिक विचारों की जानकारी दी। इस दौरान घाटगे ने स्टार्टअप्स को उचित मार्गदर्शन, उद्योग जगत से संपर्क और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

इस संवाद सत्र में स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने व्यवसाय की विशेषताओं, उत्पादों और सेवाओं में किए गए नवाचार, अब तक के व्यावसायिक सफर, मौजूदा स्थिति और विस्तार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, निवेश, बाजार तक पहुंच और स्टार्टअप इकोसिस्टम से अपनी अपेक्षाएं भी रखीं।

नवउद्यमियों की व्यावसायिक संकल्पनाओं और जरूरतों को समझने के बाद राजे समरजीतसिंह घाटगे ने कुछ स्टार्टअप्स को तत्काल संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक संपर्क एवं संदर्भ उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि व्यावसायिक संकल्पनाओं की व्यवहार्यता और आगे की जांच-पड़ताल के बाद उन्हें आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर विश्वास व्यक्त किया गया कि कोल्हापुर के नवउद्यमियों, मार्गदर्शकों, निवेशकों और उद्योग जगत को एक मंच पर लाने वाला ‘फाउंडर्स टेबल’ कार्यक्रम एक मजबूत और सहयोगपूर्ण स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस संवाद सत्र का आयोजन यश पोळ, पलाश घोटणे और दीप पाटणे ने किया। कार्यक्रम में अमोल काळुगडे, सचिन माने, संकेत वाठारे, सूर्यकांत दोडमिसे और युवराज ढोबळे उपस्थित थे।

राजे समरजीतसिंह घाटगे ने कहा कि कोल्हापुर में उद्यमिता और नवाचार की समृद्ध परंपरा रही है। नई पीढ़ी के उद्यमियों के पास रचनात्मक सोच, तकनीक की समझ और कुछ अलग करने की क्षमता है। उनकी व्यावसायिक संकल्पनाओं को उचित मार्गदर्शन, उद्योग क्षेत्र के अनुभवी लोगों का सहयोग और बाजार तक पहुंचने के अवसर मिलें तो उन्हें सफल व्यवसायों में बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राजर्षि शाहू स्टार्टअप मिशन के माध्यम से नवउद्यमियों को केवल मार्गदर्शन देने तक सीमित रहने के बजाय उन्हें प्रत्यक्ष व्यावसायिक अवसर और उपयुक्त नेटवर्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नई व्यावसायिक संकल्पनाओं को सही अवसर और सहयोग मिलने से स्थानीय स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।

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