पंचायत चुनाव से पहले करौली में पुलिस अलर्ट, आईजी प्रीति चंद्रा ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
पंचायती राज चुनाव 2026 से पहले करौली में पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। भरतपुर रेंज आईजी प्रीति चंद्रा ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और मासलपुर थानाधिकारी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
कराउली के सीलौती स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर पंचायती राज चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेतीं भरतपुर रेंज आईजी प्रीति चंद्रा और अन्य पुलिस अधिकारी।
पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर करौली जिले में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को भरतपुर रेंज की आईजी प्रीति चंद्रा करौली पहुंचीं। उन्होंने जिले में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
करौली पहुंचने पर जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने आईजी प्रीति चंद्रा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उन्होंने पंचायती राज चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की।
आईजी प्रीति चंद्रा ने करौली सहित पंचायत समिति मासलपुर क्षेत्र के चैनपुर, सीलौती और जमूरा गांवों में स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चुनाव से संबंधित व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति पर भी ध्यान दिया गया।
आईजी ने मासलपुर थानाधिकारी परमजीत सिंह को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पंचायती राज चुनाव को भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर बल दिया। पुलिस प्रशासन को चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान करौली जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्बां, डीएसपी श्रीराम बडसरा सहित जिला पुलिस के अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। आईजी के दौरे और मतदान केंद्रों के निरीक्षण को पंचायती राज चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के रूप में देखा गया।