35 दिन के महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का समापन, 17 हजार से अधिक छात्राओं में सुरक्षा जागरूकता की अलख
झालावाड़ में 35 दिन चले महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का समापन हुआ। 17 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा कानूनों व साइबर जागरूकता से जोड़ा गया।
तस्वीर में झालावाड़ में आयोजित समारोह के दौरान एक महिला को प्रशस्ति पत्र सम्मानित करते हुए पुलिस अधिकारी दिखाई दे रहे हैं।
झालावाड़ जिले में 35 दिनों तक संचालित महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का मंगलवार को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामय समापन समारोह के साथ समापन हुआ। समारोह में कोटा रेंज की डीआईजी (सुरक्षा) ममता गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला ही सुरक्षित समाज की आधारशिला है। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, जन-जागरूकता और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं, पुलिसकर्मियों, शिक्षकों, सुरक्षा सखियों एवं स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 4 अगस्त तक चले इस अभियान के दौरान जिलेभर में महिला सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के माध्यम से पुलिस ने 17 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं सहित हजारों महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाकर उन्हें महिला सुरक्षा कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा, हेल्पलाइन 1090 एवं 1930, पॉक्सो अधिनियम, वन स्टॉप सेंटर तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
समापन समारोह में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुरक्षा सखियों तथा बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियान के दौरान कई मामलों में पुलिस ने सक्रिय एवं संवेदनशील कार्यशैली अपनाते हुए समय रहते प्रभावी कार्रवाई की और संभावित अपराधों को रोकने का प्रयास किया।
अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों का जेंडर सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण, महिला वॉलंटियर्स से संवाद, बुजुर्ग महिलाओं एवं दंपतियों से मुलाकात, श्रमिक महिलाओं को जागरूक करना, विद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑनलाइन संवाद, महिला पुलिसकर्मियों के साथ बैठक तथा फ्लैग मार्च सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।
जिला पुलिस के अनुसार इस अभियान ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक महिलाओं, छात्राओं और आमजन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया। अधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रखने की बात कही।