तस्वीर में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ सुनेल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।

सुनेल क्षेत्र में गत दिनों हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के घरों तक जाकर नुकसान देखा, पीड़ितों की पीड़ा सुनी और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने प्रभावित नागरिकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा, “यह आपदा केवल आपकी नहीं, हम सभी की है। इस कठिन समय में राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ आपके साथ खड़ा है। किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और सभी पात्र प्रभावितों को नियमानुसार उचित सहायता दी जाएगी।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर वस्तुनिष्ठ आकलन के साथ रिपोर्ट राज्य सरकार को तत्काल प्रेषित की जाए, ताकि राहत एवं सहायता की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी कैलाश मीणा को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों में से एक सदस्य को वीबी जीरामजी योजना के तहत तत्काल 15 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन से जोड़ना भी है।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने प्रभावित परिवारों के बीच प्रशासन की ओर से राहत सामग्री एवं राशन किट का वितरण भी कराया। उन्होंने प्रत्येक परिवार से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों द्वारा पुलिया निर्माण की मांग उठाए जाने पर जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के बाद उत्पन्न परिस्थितियों में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने चिकित्सालय में प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे संभावित जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

जिला कलक्टर ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निचले इलाकों में पानी की निकासी के मार्गों को पूरी तरह साफ रखा जाए तथा जल निकासी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। उन्होंने विकास अधिकारी को नाले-नालियों की व्यापक सफाई का अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा ने बताया कि अब तक लगभग 200 प्रभावित घरों का सर्वे किया जा चुका है तथा शेष सर्वे कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही, प्रभावित नागरिकों की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयास जारी हैं।

निरीक्षण के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी दिनेश मीणा, विकास अधिकारी कैलाश मीणा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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