तस्वीर में जिला कलेक्टर संदेश नायक और अन्य अधिकारी जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान नजर आ रहे हैं।

जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (उत्तर) राजेन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम डॉ. रवि शेखावत, द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जिला कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों पर चर्चा करते हुए चिकित्सा संस्थानों को एंटीलार्वा एक्टिविटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों तथा चिकित्सा संस्थानों में आने वाले स्नेक बाईट केसेज की पोर्टल एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। आगामी माह 16 सितंबर से 15 अक्टूबर तक जिले में आयोजित होने वाले लेप्रोसी अभियान को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। एनसीडी कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) अभियान में गंभीरता से कार्य करने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत स्टरलाइजेशन, ओरल पिल, अंतरा और पीपीआईयूसीडी के प्रति आमजन को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

लाडो प्रोत्साहन योजना के पेंडिंग केसेज को पूर्ण करने, आभा आईडी बनाने तथा ओपीडी में स्कैनर से पर्ची निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। साथ ही आमजन में एबीडीएम का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने टीकाकरण को अपेक्षित गति के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए। सम्पूर्ण टीकाकरण पर भी चर्चा हुई और मिसिंग टीकाकरण को पूर्ण करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, एनसीडी, आयुष्मान वय वंदन योजना, एएनसी, परिवार कल्याण, मां योजना, मां वाऊचर योजना, संस्थागत प्रसव, पीसीपीएनडीटी योजना, आरबीएसके योजना और टीबी मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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