तस्वीर में न्यू दादरी रेलवे स्टेशन पर फूलों से सजी ट्रेन के पास हरी झंडी दिखाते हुए अधिकारी नजर आ रहे हैं।

त्योहारों से पहले एमेजॉन इंडिया ने भारतीय रेलवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करते हुए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्लूडीएफसी) पर अपने रेल संचालन का विस्तार किया है। इस विस्तार के साथ एमेजॉन इंडिया भारतीय रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर पहली जॉइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस (जेपीपी-आरसीएस) ट्रेन संचालित करने वाली पहली ई-कॉमर्स कंपनी बन गई है।

यह ट्रेन 18 अगस्त, 2026 को न्यू दादरी रेलवे स्टेशन से डॉ. मनोज सिंह, सदस्य (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट), रेलवे बोर्ड और किशोर लंका, डायरेक्टर-ऑपरेशंस, एमेजॉन इंडिया ने रवाना की। इस सेवा के तहत रोजाना रेल मूवमेंट होगा और मार्ग पर 10 वैन पार्सल (वीपी) संचालित होंगी। इससे शिपमेंट्स को सरफेस ट्रांसपोर्ट से रेल ट्रांसपोर्ट में स्थानांतरित किया जा सकेगा, जिससे अधिक विश्वसनीय और सस्टेनेबल परिवहन के साथ एमेजॉन के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

यह रेल कॉरिडोर दिल्ली, अहमदाबाद और सूरत सहित एमेजॉन के प्रमुख नेटवर्क क्षेत्रों को जोड़ेगा। इसकी ऑनवर्ड कनेक्टिविटी पुणे, मुंबई और गोवा तक होगी। इससे त्योहारों से पहले उत्तर और पश्चिमी भारत में शिपमेंट्स के आवागमन को रेल के माध्यम से गति देने में मदद मिलेगी।

एमेजॉन इंडिया और भारतीय रेलवे की लंबी साझेदारी की शुरुआत 2019 में हुई थी, जब एमेजॉन भारत में एक्सप्रेस पार्सल मूवमेंट के लिए रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाली पहली ई-कॉमर्स कंपनी बनी थी। कंपनी ने तेज और भरोसेमंद डिलीवरी पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे के साथ एक ऑपरेशनल समझौता किया था। इसके तहत मुंबई-दिल्ली मार्ग पर राजधानी एक्सप्रेस में पार्सल वैगन के माध्यम से एक्सप्रेस ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशन संचालित किया गया।

इसके बाद 2023 में एमेजॉन ने ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के लिए भारत के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल शुरू किया और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 659 किलोमीटर लंबे रेवाड़ी-पालनपुर सेक्शन पर ऑपरेशंस लॉन्च किए। अब नई जेपीपी-आरसीएस ट्रेन के साथ पश्चिमी भारत में एमेजॉन के डीएफसी फुटप्रिंट का विस्तार हुआ है।

एमेजॉन इंडिया के डायरेक्टर-ऑपरेशंस किशोर लंका ने कहा, “इंडियन रेलवे और एमेजॉन इंडिया की पार्टनरशिप भारत में फ्रेट के आधुनिकीकरण में मदद करेगी। यह भारत सरकार के ‘विकसित भारत, विकसित रेल’ के लक्ष्य के अनुरूप देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाने के हमारे साझा लक्ष्य के अनुरूप है। डेडिकेटेड फ्रेट इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग बढ़ाकर हम अपने ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क में मल्टीमोडलिटी का विस्तार कर रहे हैं और रेल को ट्रांसपोर्टेशन के किफायती, विश्वसनीय और सस्टेनेबल माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हम भारतीय रेलवे और डीएफसीसीआईएल के साथ अपना सहयोग बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं, जिससे हमारा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा, ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ेगी और भारत में हमारे ग्राहकों की विकसित होती हुई जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।”

डॉ. मनोज सिंह, सदस्य (ऑपरेशंस एवं बिजनेस डेवलपमेंट), रेलवे बोर्ड ने कहा, “डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर इस सेवा की शुरुआत हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। डीएफसी ट्रांसपोर्टेशन का ज्यादा ग्रीन, तेज और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करता है। इससे रातोंरात कार्गो का मूवमेंट संभव होता है, जिससे अगले दिन यह अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाता है। 350 से 400 टन कार्गो को 24 घंटे के अंदर मूव कराने की क्षमता के साथ यह सेवा एक किफायती और सस्टेनेबल फ्रेट समाधान प्रदान करती है, जिसमें छोटे व्यवसायों के लिए अवसरों से लेकर डीएफसी नेटवर्क के फायदे शामिल हैं।”

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लगभग 1504 वर्ग किलोमीटर में उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से लेकर मुंबई के पास जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (जेएनपीटी) तक फैला है। डीएफसी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मौजूदा रेल नेटवर्क का ट्रैफिक कम हो, फ्रेट ट्रेनों की औसत स्पीड बढ़े, हैवी-हॉल ट्रेनों का संचालन संभव हो, पोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र आपस में जुड़ें तथा लॉजिस्टिक्स की कुल लागत कम होने के साथ फ्रेट का अधिक तेज मूवमेंट हो सके।

एमेजॉन इंडिया का रेल नेटवर्क 2019 में केवल एक ट्रेन से बढ़कर अब 130 इंटरसिटी मार्गों पर 140 से अधिक ट्रेनों तक फैल चुका है। यह नेटवर्क 100 से अधिक शहरों को जोड़ता है। कंपनी के अनुसार, ये निवेश उसके ऑपरेशंस नेटवर्क को मजबूत बनाने और देश के लोगों तक अधिक भरोसेमंद डिलीवरी पहुंचाने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं। भारतीय रेलवे और डीएफसीसीआईएल के साथ बढ़ता सहयोग एमेजॉन के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में रेल की भूमिका को और मजबूत करता है।

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