जयपुर की छोटी काशी स्थित श्री अमरापुर स्थान में सतगुरु स्वामी सर्वानंद जी महाराज के 130वें जन्मोत्सव के अवसर पर संतों को भोजन प्रसादी कराते हुए।   

जयपुर की छोटी काशी स्थित श्री अमरापुर स्थान में सतगुरु स्वामी सर्वानंद जी महाराज का 130वां जन्मोत्सव भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया जा रहा है। पांच दिवसीय जन्मोत्सव के दूसरे दिन संत-महात्माओं को भोजन प्रसादी कराकर उपहार और दक्षिणा भेंट की गई। इसके बाद वेद गुरुकुल के बटुक ब्राह्मणों का सत्कार किया गया। आयोजन में प्रेम प्रकाश मंडल की सेवा परंपरा की झलक देखने को मिली।

संत परंपरा के आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के परम शिष्य और द्वितीय पीठाधीश्वर सतगुरु स्वामी सर्वानंद जी महाराज के जन्मोत्सव के दूसरे दिन सुबह 10 बजे 130 से अधिक संत-महात्माओं को भोजन प्रसादी कराई गई। इस अवसर पर संतों को आदरपूर्वक भोजन कराने के साथ उपहार और दक्षिणा भी दी गई।

शाम 6 बजे वेद गुरुकुल के लगभग 40 बटुक ब्राह्मणों के लिए भोज का आयोजन किया गया। गुरुकुल के बटुकों ने एक स्वर में स्वस्तिवाचन पाठ और मंत्रोच्चारण के बाद भोजन ग्रहण किया। सभी बटुक ब्राह्मणों को नाना प्रकार के उपहार और दक्षिणा भेंट की गई।

पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज ने बताया कि सेवा का संकल्प आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की शिक्षाओं का मूल उपदेश है। जन्मोत्सव के दौरान संत-महात्माओं और बटुक ब्राह्मणों की सेवा इसी परंपरा के अनुरूप की जा रही है।

जन्मोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को एकादशी के पावन अवसर पर मांग्यवास स्थित सतगुरु टेऊँराम गौशाला में गौसेवा पूजन और संकीर्तन किया जाएगा। संतों ने बताया कि इस अवसर पर गौमाता को हरा चारा और फल आदि खिलाए जाएंगे। इसके साथ ही श्री अमरापुर स्थान में शाम को संकीर्तन मंडली की ओर से हरिनाम संकीर्तन किया जाएगा।

पांच दिवसीय जन्मोत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में शुक्रवार को कन्या भोज का आयोजन होगा। संत-महात्माओं की सेवा, बटुक ब्राह्मणों के सत्कार और गौसेवा से जुड़े इन आयोजनों के माध्यम से श्री अमरापुर स्थान में स्वामी सर्वानंद जी महाराज का 130वां जन्मोत्सव श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाया जा रहा है।

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