विश्व बैंक ने राजस्थान में 'सूत्रा' प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दिया
चार प्रमुख शहरी क्लस्टर और 28 सैटेलाइट टाउन में आधारभूत ढांचे, परिवहन और विरासत संरक्षण का विकास किया जाएगा।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में शहरी सुविधाओं, आधारभूत ढांचे, पर्यटन और परिवहन के विकास को नई दिशा देने के लिए विश्व बैंक ने सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान एक्सीलरेटेड (सूत्रा) परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्तावित परियोजना की कुल लागत 38 करोड़ 57 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके तहत राज्य के चार प्रमुख शहरी क्लस्टर और उनसे जुड़े 28 सैटेलाइट टाउन सहित कुल 32 शहरी स्थानीय निकायों में विकास कार्य करवाए जाने प्रस्तावित हैं।
विश्व बैंक की ओर से जारी नवीनतम दस्तावेज के अनुसार, परियोजना में जयपुर, जोधपुर, कोटा और भरतपुर के चार प्रमुख शहरी क्लस्टर शामिल होंगे। इनके साथ 28 सैटेलाइट टाउन को भी परियोजना के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों की वर्ष 2026 में अनुमानित आबादी 78 लाख से अधिक है। परियोजना का उद्देश्य शहरी विकास को व्यवस्थित बनाना और नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
परियोजना के तहत चारों शहरी क्लस्टर में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ शहरी परिवहन और कनेक्टिविटी में सुधार, ठोस कचरा प्रबंधन तथा नागरिक सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य करवाए जाएंगे। इन प्रयासों के माध्यम से शहरों में आवागमन को बेहतर बनाने, शहरी क्षेत्रों को अधिक सुविधाजनक और रहने योग्य बनाने तथा पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने की योजना है। राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को ध्यान में रखते हुए विरासत क्षेत्रों के विकास को भी परियोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी के दौरान जल संकट और बारिश के समय जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी परियोजना के अंतर्गत कार्य करवाए जाएंगे। इस तरह प्रस्तावित योजना में शहरी आधारभूत ढांचे के विस्तार के साथ उन समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया गया है, जिनका सामना शहरों को अलग-अलग मौसमों में करना पड़ता है।
विश्व बैंक के दस्तावेज के अनुसार, परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य नगर निकायों की वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना भी है। इसके तहत राजस्व प्रशासन में सुधार और ऋण प्रबंधन को बेहतर बनाने के उपाय किए जाएंगे। शहरी स्थानीय निकायों की ऋण लेने की क्षमता बढ़ाने के साथ शहरी आधारभूत ढांचे के विकास के लिए निजी एवं वाणिज्यिक पूंजी जुटाने की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) होगी। विश्व बैंक में परियोजना की तकनीकी डिजाइन की समीक्षा आगामी 10 दिसम्बर को होने की संभावना है, जबकि बोर्ड से इसका अनुमोदन 2 जुलाई 2027 तक संभावित है। वित्तपोषण के प्रस्ताव के तहत विश्व बैंक के अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक से 27 करोड़ डॉलर का ऋण लिया जाएगा, जबकि राज्य सरकार की ओर से 11 करोड़ 57 लाख डॉलर का वित्तपोषण प्रस्तावित है। परियोजना के प्रस्तावित स्वरूप में शहरी सुविधाओं, विरासत संरक्षण, परिवहन, जल संबंधी चुनौतियों और नगर निकायों की वित्तीय क्षमता में सुधार को एक साथ शामिल किया गया है।