तस्वीर में सहकारिता विभाग के अधिकारी कार्यालय कक्ष की मेज पर बैठकर बैठक कर रहे हैं।

जयपुर, 17 सितम्बर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को केवल कृषि ऋण और सहकारी गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं प्रशासक डॉ समित शर्मा ने गुरुवार को दि राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (RSCB) में बैठक आयोजित कर पैक्स को मजबूत बनाने, उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने और ग्रामीण नागरिकों तक विभिन्न Government-to-Citizen (G2C) सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल के अनुरूप प्राथमिक कृषि साख समितियों को सुदृढ़ करना रहा। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कार्यरत पैक्स को Common Service Centre (CSC) के रूप में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सक्षम बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

राज्य के ई-सर्विस पोर्टल्स से जोड़े जाएंगे पैक्स

बैठक में पैक्स को राज्य सरकार की विभिन्न ई-सर्विस पोर्टल्स के लिए आवश्यक Login Access एवं Authorization उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके जरिए पैक्स के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उन्हें सरकारी सेवाओं के लिए दूरस्थ कार्यालयों अथवा शहरों का रुख न करना पड़े।

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल एवं नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ पैक्स को इन सेवाओं के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने के अवसर भी मिलेंगे।

अधिक राजस्व क्षमता वाले पैक्स बनेंगे ‘मॉडल PACS’

बैठक में अधिक राजस्व क्षमता वाली CSC सेवाओं की पहचान कर चुनिंदा पैक्स को ‘मॉडल PACS’ के रूप में विकसित करने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। ऐसे मॉडल पैक्स में विभिन्न नागरिक सेवाओं, डिजिटल सेवाओं एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को एकीकृत करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर सहकारी संस्थाओं के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

मॉडल की सफलता के आधार पर अन्य पैक्स में भी इसे चरणबद्ध रूप से लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

सहकारिता और तकनीक से ग्रामीण सेवाओं को मिलेगा विस्तार

बैठक में कहा गया कि पैक्स ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारभूत सहकारी इकाइयां हैं। इन्हें तकनीक, डिजिटल सेवाओं और विविध व्यवसायिक गतिविधियों से जोड़कर ‘सहकार से समृद्धि’ की अवधारणा को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सकता है।

बैठक में पैक्स के डिजिटलीकरण, तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं, CSC सेवाओं के प्रभावी संचालन तथा इन गतिविधियों से होने वाली आय को बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में आयुक्त, DoIT&C अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग), कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान, जयपुर; सलाहकार ‘सहकार से समृद्धि’, कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान; स्टेट हेड, CSC, जयपुर तथा उप महाप्रबंधक (EDP), शीर्ष बैंक (RSCB), जयपुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि PACS को मजबूत, बहुउद्देशीय एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए तकनीक और सहकारिता का समन्वय किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की सहज उपलब्धता के साथ-साथ पैक्स की आय में भी वृद्धि का अवसर तैयार होगा।

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