जयपुर, 20 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के सभी 41 जिलों में सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए अगले 3 वर्षों में लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में विद्यालय भवन और अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण पर 2 हजार 723 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है। इसके मुकाबले गत सरकार ने अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में कुल 2 हजार 287 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए तैयार रोडमैप के सुचारू क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। तकनीकी सर्वे के आधार पर तैयार रोडमैप के अनुसार स्कूलों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 3 हजार 587 नए विद्यालय भवनों पर लगभग 2 हजार 487 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 83 हजार 783 नवीन कक्षा-कक्षों के निर्माण पर लगभग 8 हजार 378 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय होगी। वहीं, 22 हजार 589 विद्यालयों में मेजर रिपेयर के कार्य पर लगभग 1 हजार 129 करोड़ रुपये से अधिक तथा 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण पर लगभग 340 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

डिजिटल शिक्षा के विस्तार के लिए भी बड़े स्तर पर कार्य किया जाएगा। 107 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार स्मार्ट क्लास और 880 करोड़ रुपये की लागत से 7 हजार आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।

वर्तमान सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में अब तक कुल 88 हजार 724 मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क टैबलेट इंटरनेट कनेक्शन सहित वितरित कर चुकी है। वहीं, गत सरकार ने अपने पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में एक भी टैबलेट या लैपटॉप वितरित नहीं किया था।

वर्तमान सरकार ने स्कूलों में आधारभूत संरचना के विकास पर 2 हजार 723 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। राज्य सरकार ने 182 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 179 विद्यालय भवनों का निर्माण कराया है। जर्जर कक्षा-कक्षों के चिन्हीकरण के बाद 757 करोड़ रुपये खर्च कर 7 हजार 945 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कराया गया है।

राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को कुल 2 हजार 146 करोड़ रुपये से अधिक का पुनर्भरण किया है। आरटीई के तहत सत्र 2025-26 में 2.37 लाख नवप्रवेशित विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया, जबकि सत्र 2026-27 में 4.39 लाख नवप्रवेशित विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया।

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब तक 13 लाख 85 हजार 373 से अधिक साइकिलें वितरित की गई हैं। समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कुल 19 हजार 766 अंग एवं सहायक उपकरण भी वितरित किए गए हैं। गत सरकार ने अपने पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में केवल 10 लाख साइकिलों का वितरण किया था।

राज्य सरकार के प्रयासों के बाद सरकारी विद्यालयों में कोविड के पश्चात नामांकन में आई गिरावट की प्रवृत्ति में बदलाव आया है। गत 5 वर्षों में पहली बार राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़कर 73 लाख 13 हजार हो गया है। इन प्रयासों में 01 अप्रैल से शैक्षिक सत्र की शुरुआत और विद्यालयों में समय पर पाठ्यपुस्तकें पहुंचाना शामिल है। नए सत्र के साथ ही 4.42 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा किया जा चुका है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दृष्टिगत राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में पूरी पारदर्शिता के साथ 48 हजार 465 नई नियुक्तियां और 66 हजार 47 पदोन्नतियां की हैं। गत सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में 58 हजार 339 पदोन्नतियां की थीं। वर्तमान सरकार ने विद्यालयों में 19 हजार सहायक कर्मचारी भी लगाए हैं। वहीं, गत दो माह में बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक, प्रयोगशाला सहायक, कनिष्ठ सहायक तथा सहायक कर्मचारी संवर्ग के 83 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है। इस प्रकार विद्यालयों के आधारभूत ढांचे, डिजिटल शिक्षा, नामांकन, छात्र सुविधाओं और मानव संसाधन से जुड़े कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने आगामी तीन वर्षों के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है।

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