जयपुर में पंचायतीराज चुनाव: मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश, कर्मचारियों को मिलेगा वेतन सहित छुट्टी का लाभ
जयपुर में पंचायतीराज चुनाव-2026 के दौरान जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य और पंच-सरपंच पदों के मतदान पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जानें चारों चरणों की मतदान तिथियां, कर्मचारियों के सवैतनिक अवकाश के नियम और उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान।
जयपुर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के दौरान मतदान में भाग लेने के लिए मतदाताओं को सार्वजनिक अवकाश और कर्मचारियों को सवैतनिक छुट्टी मिलेगी। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य तथा पंच-सरपंच पदों के निर्वाचन के लिए निर्धारित मतदान तिथियों पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू रहेगी। औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी मतदान के लिए वेतन सहित अवकाश देना अनिवार्य होगा। नियमों की अवहेलना करने वाले नियोजकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम एवं समय-सारणी में संशोधन के अनुसार जयपुर जिले में चार चरणों में मतदान कराया जाएगा। प्रथम चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 22 अक्टूबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा। द्वितीय चरण में सदस्य पदों के लिए 28 अक्टूबर और पंच-सरपंच पदों के लिए 30 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। तृतीय चरण में सदस्य पदों के लिए 3 नवंबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 5 नवंबर को मतदान होगा। इसी तरह चतुर्थ चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 14 नवंबर और पंच-सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदान के दिन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी एवं अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जिससे मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। यदि किसी मतदान क्षेत्र में पुनर्मतदान की स्थिति बनती है, तो वहां पुनर्मतदान की निर्धारित तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कार्मिकों को सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। इसमें आकस्मिक कामगार भी शामिल हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने मताधिकार का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से उपयोग करने का अवसर देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कार्मिक, जो संबंधित पंचायतीराज निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र से अलग किसी अन्य स्थान पर कार्यरत हैं, उन्हें भी नियमानुसार मतदान की तिथियों पर सवैतनिक अवकाश देय होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने कहा कि यदि कोई नियोजक निर्धारित प्रावधानों की अवहेलना करते हुए मतदान के दिन किसी कर्मचारी को मताधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश नहीं देता है, तो दंडात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को तथ्यात्मक विवरण के साथ इसकी जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और नियोजकों से आदेशों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस व्यवस्था के तहत सरकारी, अर्द्धसरकारी, औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को मतदान के लिए अवकाश उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।