जयपुर नगर निगम: दीपावली से पहले सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
महापौर सुनील कोठारी ने मुरलीपुरा जोन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए
जयपुर में महापौर सुनील कोठारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारी और पार्षद
जयपुर में दीपावली से पहले सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। महापौर सुनील कोठारी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को मुरलीपुरा जोन के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वच्छता योद्धाओं के साथ दो घंटे से अधिक समय तक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में जोन की प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व वृद्धि, सफाई संसाधनों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम जयपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय भवन, लालकोठी, टोंक रोड स्थित कार्यालय के जनसंपर्क प्रकोष्ठ के अनुसार, बैठक में महापौर ने मुरलीपुरा जोन में सफाई व्यवस्था सहित विभिन्न नागरिक सुविधाओं और नगर निगम से संबंधित कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। अधिकारियों से जोनवार फीडबैक लिया गया और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत तीन आवेदकों को पट्टे भी दिए गए।
बैठक में उपमहापौर सरोज कंवर, अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल, उपायुक्त (स्वास्थ्य), सतर्कता एवं पशु प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और संबंधित वार्ड पार्षद मौजूद रहे। पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से जोन के प्रशासनिक ढांचे, राजस्व वृद्धि, सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर नगर निगम को जनता का नगर निगम बनाया जाए और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आमजन को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मासिक बैठक आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि समस्याओं का समाधान हो और संवाद बना रहे। साथ ही, दीपावली तक वार्डवार विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
महापौर ने नवाचार के तौर पर अधिकारियों और वार्ड पार्षदों की एक मंच पर बैठक आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनका तत्काल निराकरण किया जा सकेगा। बैठक में स्थानीय पार्षदों ने हूपर्स, प्रकाश व्यवस्था, यूडी टैक्स, सीवर लाइन, पशु प्रबंधन और अवैध अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं उठाईं। महापौर ने संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
आगामी प्रमुख त्योहारों को देखते हुए महापौर ने पार्षदों से आमजन की जनभागीदारी सुनिश्चित करने और लोगों को शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने अपील की कि लोग खुले में कचरा न फेंकें और जयपुर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सभी को एक टीम के रूप में मिलकर काम करना होगा।
महापौर ने सफाई व्यवस्था की व्यापक परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि सफाई का अर्थ केवल झाड़ू लगाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित बनाना है। फुटपाथों सहित सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का कचरा नहीं रहना चाहिए। पेड़-पौधों की समय-समय पर कटाई-छंटाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र साफ-सुथरा और व्यवस्थित बना रहे।
प्रकाश व्यवस्था सुधारने के लिए महापौर ने अधिशाषी अभियंता विद्युत को संबंधित स्थानों का सर्वे कर आकलन करने और आवश्यकतानुसार समुचित वॉट की लाइटें लगाने के निर्देश दिए, जिससे उन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी हो सके। दीपावली के मद्देनजर उन्होंने सफाई, विद्युत व्यवस्था, सड़कों पर पेचवर्क और सड़कों पर पड़े सीएनडी वेस्ट को समय-समय पर हटाने सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा।
उन्होंने वार्डवार साप्ताहिक सफाई अभियान नियमित रूप से चलाने के निर्देश भी दिए। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि जोन स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और फील्ड में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए। नगर निगम की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचाना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क सुधार और जनसमस्याओं के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत रेखांकित की गई।