राजस्थान विधानसभा में ‘द राइज़ ऑफ फेमिनिन लीडरशिप’ के तृतीय संस्करण का विमोचन, डॉ. श्वेता शर्मा को सराहना
राजस्थान विधानसभा में ‘द राइज़ ऑफ फेमिनिन लीडरशिप’ के तृतीय संस्करण का विमोचन हुआ। डॉ. श्वेता शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक महिला नेतृत्व, सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित है।
तस्वीर में बाएं से दाएं: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सहायक आचार्य डॉ. श्वेता शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी जयपुर में पुस्तक विमोचन के दौरान।
जयपुर। महिला नेतृत्व, सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित पुस्तक ‘द राइज़ ऑफ फेमिनिन लीडरशिप’ के तृतीय संस्करण का राजस्थान विधानसभा, जयपुर में विमोचन किया गया। पुस्तक का संपादन एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. स्वायत्त महाविद्यालय, जयपुर के इतिहास विभाग की सहायक आचार्य डॉ. श्वेता शर्मा ने किया है।
पुस्तक का विमोचन राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री वासुदेव देवनानी जी द्वारा किया गया। यह अवसर डॉ. श्वेता शर्मा की अकादमिक एवं संपादकीय यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया।
‘द राइज़ ऑफ फेमिनिन लीडरशिप’ महिला नेतृत्व, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को केंद्र में रखती है। पुस्तक के तृतीय संस्करण के माध्यम से इन विषयों पर केंद्रित विद्वतापूर्ण योगदान को सामने लाया गया है।
डॉ. श्वेता शर्मा के अकादमिक एवं संपादकीय कार्यों की सराहना माननीय श्री जोगाराम पटेल जी, संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य तथा न्याय मंत्री, राजस्थान सरकार द्वारा भी की गई। उनका प्रोत्साहन और आशीर्वाद डॉ. शर्मा के लिए आगे भी निरंतर शोध एवं अकादमिक कार्य करने की प्रेरणा का स्रोत है।
इस उपलब्धि पर डॉ. श्वेता शर्मा ने अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं इस उपलब्धि के लिए हृदय से आभारी हूँ। यह उपलब्धि मेरे राधे गोविंद के आशीर्वाद, मेरे प्रियजनों के निरंतर प्रेम, सहयोग और विश्वास के बिना संभव नहीं थी। मैं उन सभी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ, जिन्होंने मेरी अकादमिक यात्रा में मेरा साथ दिया।”
उन्होंने पुस्तक के सह-संपादक एवं सभी लेखकों और योगदानकर्ताओं के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विद्वतापूर्ण योगदान, सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ‘द राइज़ ऑफ फेमिनिन लीडरशिप—थर्ड एडिशन’ का यह महत्वपूर्ण संस्करण संभव हो सका।
राजस्थान विधानसभा में हुए इस विमोचन के साथ डॉ. श्वेता शर्मा की अकादमिक एवं संपादकीय यात्रा में एक गौरवपूर्ण पड़ाव जुड़ा है। इस उपलब्धि में शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का प्रोत्साहन, राधे गोविंद का आशीर्वाद, प्रियजनों का सहयोग और सह-संपादक तथा सभी लेखकों एवं योगदानकर्ताओं के सामूहिक विद्वतापूर्ण प्रयास एक साथ दिखाई देते हैं।