दीपावली-छठ पर ट्रेनों में बढ़ी सुरक्षा, पटाखे और केरोसिन ले जाने पर सजा
उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाई। प्रतिबंधित ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर सजा और 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों और पार्सल कार्यालयों में पटाखे, आतिशबाजी तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान प्रतिबंधित और खतरनाक वस्तुएं ले जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि पटाखे, फुलझड़ियां, अनार, रॉकेट, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे ज्वलनशील एवं खतरनाक पदार्थों को ट्रेन के यात्री डिब्बों अथवा पार्सल में ले जाना प्रतिबंधित है। इन वस्तुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और पार्सल कार्यालयों में जांच एवं निगरानी बढ़ा दी गई है।
त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध सामान की पहचान और जांच के लिए सीसीटीवी कैमरों, बैगेज स्कैनिंग तथा डॉग स्क्वॉड की सहायता ली जा रही है। दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे परिसरों और ट्रेनों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान पर रोक को लेकर भी जागरूकता अभियान तेज किया है। टिकट जांच कर्मचारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 167 में संशोधन के अनुसार, रेलवे परिसर और रेल डिब्बों में धूम्रपान करने पर 2,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है।
खतरनाक और प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर भी रेलवे अधिनियम में कड़े दंड का प्रावधान है। रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत ट्रेन में खतरनाक वस्तुएं अवैध रूप से ले जाने पर तीन वर्ष तक के कारावास अथवा एक हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है। वहीं, जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 165 में प्रतिबंधित श्रेणी के आपत्तिजनक पदार्थों को अवैध रूप से रेलवे में लाने पर कम से कम 10,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपने साथ कोई भी ऐसी वस्तु न रखें, जिससे आग लगने अथवा दुर्घटना की आशंका हो। किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी, टीटीई अथवा रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देने को कहा गया है।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान बढ़ती यात्री आवाजाही के बीच रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई है। ऐसे में यात्रियों की जागरूकता और सुरक्षा नियमों का पालन किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने तथा सभी के सफर को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।