तस्वीर में डीआईजी पंकज चौधरी पिलौदा थाने के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते और परिसर का जायजा लेते नजर आ रहे हैं।

गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों द्वारा पुलिस थानों को गोद लेकर उनके नियमित पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन की पहल की गई है। इसी क्रम में डीआईजी पंकज चौधरी ने सवाई माधोपुर जिले के अपने गोद लिए हुए पिलौदा थाने का निरीक्षण किया और अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, अनुसंधान की गुणवत्ता तथा जनसेवा व्यवस्था की समीक्षा की।

पिलौदा पहुंचने पर सीओ गंगापुर सिटी गिर्राज एवं थानाधिकारी सीताराम मीणा ने डीआईजी पंकज चौधरी का स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना क्षेत्र के नागरिकों एवं गणमान्य लोगों से मुलाकात कर संवाद किया और स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग से जुड़े विषयों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, अभिलेख संधारण, अपराध अनुसंधान, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, जनसुनवाई व्यवस्था तथा पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन की प्रगति का अवलोकन किया गया। डीआईजी चौधरी ने अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर थाना कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता को और मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया मजबूत हो और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। केस ऑफिसर योजना के तहत चिन्हित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

महिला अत्याचार से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में अनुसंधान पूरा कर प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। कमजोर वर्ग से जुड़े अपराधों की रोकथाम तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा पुलिस सत्यापन के कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सामुदायिक पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। बीट अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर बैठकें आयोजित कर आमजन को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव तथा पुलिस की विभिन्न जनहितकारी सेवाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई गई।

पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने, अनुशासन बनाए रखने तथा आमजन के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार को प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

डीआईजी चौधरी ने थाना परिसर में अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, स्वच्छता, कार्यालय व्यवस्था और आमजन की पुलिस तक सहज पहुंच के लिए किए गए सुधारों का भी अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ‘उत्कृष्ट थाना मार्गदर्शिका’ के सभी मानकों को समयबद्ध रूप से लागू करते हुए पिलौदा थाने को आदर्श एवं उत्कृष्ट थाना बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण से लेकर अनुसंधान की गुणवत्ता, लंबित मामलों के निस्तारण और जनसेवा व्यवस्था तक थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

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