राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय वर्ष 2030 तक डीजल में 5 प्रतिशत बायोडीजल मिश्रण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार बायोडीजल उत्पादन और मिश्रण को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है।

सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। सरकार ने परिवहन उद्देश्यों के लिए हाई स्पीड डीजल के साथ मिश्रण हेतु बायोडीजल की बिक्री के लिए ‘दिशा—निर्देश-2019’ अधिसूचित किए हैं। इसके साथ ही मिश्रण कार्यक्रम के लिए बायोडीजल की खरीद पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।

मदन राठौड़ ने बताया कि बायोडीजल की कीमतों के संबंध में सरकार ने जानकारी दी है कि जून 2021 से 2024 तक तेल विपणन कंपनियों द्वारा घरेलू एवं आयातित फीडस्टॉक की कीमत, उत्पादन लागत और लाभ आदि को ध्यान में रखते हुए बायोडीजल की कीमत निर्धारित की गई।

वर्तमान में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के अनुरूप घरेलू फीडस्टॉक को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से घरेलू फीडस्टॉक की कीमतों को ध्यान में रखकर बायोडीजल की कीमत तय की जाती है।

मंत्रालय के अनुसार तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकृत बायोडीजल विक्रेताओं के आधार पर देश में बायोडीजल की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 579 करोड़ लीटर प्रतिवर्ष है।

मदन राठौड़ ने कहा कि देश में जैव ईंधन को बढ़ावा देने, आयातित फीडस्टॉक पर निर्भरता कम करने तथा घरेलू फीडस्टॉक की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में केंद्र की मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वर्ष 2030 तक डीजल में 5 प्रतिशत बायोडीजल मिश्रण का लक्ष्य इसी दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का हिस्सा है।

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