मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गहलोत पर हमला, निकाय चुनाव नतीजों और वार्ड परिसीमन पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निकाय चुनाव परिणाम को लेकर निशाना साधा। उन्होंने वार्ड हार, डोटासरा से मतभेद, कांग्रेस के सिमटते जनाधार और वार्ड पुनर्सीमांकन पर सवाल उठाए।
तस्वीर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीकानेर में मीडिया से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 सितंबर को बीकानेर में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा को मिली जीत से गहलोत नाराज हैं और अपनी हार का दोष दूसरों पर लगा रहे हैं। शर्मा के अनुसार, गहलोत अपना वार्ड भी हार गए हैं और उनका गुस्सा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर है।
शर्मा ने कहा कि गहलोत के आरोपों की भाषा लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि जब वे निकाय चुनाव के दौरान रोड शो कर रहे थे, तब गहलोत कहते थे कि मुख्यमंत्री को रोड शो नहीं करना चाहिए। चुनाव परिणाम आने के बाद पीसीसी चीफ से कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने रोड शो किए तो पीसीसी को भी रोड शो करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गहलोत के गुस्से का कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और इसकी वजह यह है कि गहलोत अपना वार्ड भी हार गए हैं। उन्होंने कांग्रेस में आपसी लड़ाई होने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में गहलोत ने बहुजन समाज पार्टी के साथ क्या किया था, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और दूसरों पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार सिमट रहा है और अब वह कुछ ही राज्यों में शेष है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कांग्रेस कहीं नहीं रहेगी, क्योंकि कांग्रेस के नेता अपने बेटों की लॉन्चिंग में लगे हैं। शर्मा ने कहा कि सोनिया गांधी लगातार राहुल गांधी की लॉन्चिंग कर रही हैं और गहलोत अपने बेटे की।
शर्मा ने गहलोत से यह भी पूछा कि जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब एक निगम के दो हिस्से क्यों किए गए थे। उन्होंने कहा कि अब गहलोत वार्डों के पुनर्सीमांकन पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनकी सरकार ने वार्डों का गठन नियम के अनुसार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वार्डों को बने एक साल हो चुका है और उस समय गहलोत ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निकाय चुनाव में मिला जनादेश राजस्थान की जनता का भाजपा के प्रति प्रेम है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास व प्यार आगे भी मिलता रहेगा। शर्मा ने कहा कि यह बात गहलोत को पच नहीं रही है और उन्हें चुनाव परिणाम के बाद यह आकलन करना चाहिए कि उनसे क्या-क्या कमी रही।