अंता पुलिस ने करोड़ों की वाहन ठगी का भंडाफोड़ किया, एक ही परिवार के 4 समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

बारां के अंता में वाहन गिरवी और खरीद-फरोख्त के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार, कई वाहन और फर्जी दस्तावेज जब्त।

Update: 2026-08-04 14:01 GMT

तस्वीर में अंता थाना पुलिस द्वारा वाहन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी नीचे बैठे हुए नजर आ रहे हैं और पीछे पुलिसकर्मी खड़े हैं।

बारां जिले की अंता थाना पुलिस ने वाहन खरीद-फरोख्त और गिरवी के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 चार पहिया वाहन, 1 ट्रैक्टर मय ट्रॉली, 3 मोटरसाइकिलें तथा फर्जीवाड़े में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की संलिप्तता सामने आई है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि थाना अंता में दर्ज एक प्रकरण की जांच के दौरान जिला स्तर पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन अंकुश" के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान का उद्देश्य फाइनेंस वाहनों की अवैध बिक्री और ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।

जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे वाहन मालिकों को निशाना बनाता था। आरोपी कम कीमत पर वाहन मालिकों से हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहन हस्तांतरण प्रपत्र फॉर्म 29 एवं 30 तथा वाहन के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद उन्हीं वाहनों को अन्य लोगों के पास अधिक राशि लेकर गिरवी रख दिया जाता था।

पुलिस जांच के अनुसार गिरोह जानबूझकर संबंधित वाहनों की फाइनेंस किश्तें जमा नहीं करता था, जिससे फाइनेंस कंपनी या वास्तविक वाहन स्वामी वाहन जब्त कर लेते थे। इस पूरी प्रक्रिया में गिरवी रखने वाले व्यक्ति और वास्तविक वाहन स्वामी दोनों के साथ धोखाधड़ी कर गिरोह करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित करता था।

अंता थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी भगवान प्रसाद गोस्वामी (51), उसके पुत्र शुभम (28), शिवम (30), संदीप (23) निवासी पिलिया थाना सदर तथा रवि उर्फ रंगीला रेगर (25) पुत्र सत्यनारायण निवासी रायथल थाना सीसवाली, जिला बारां को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 29 हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहन हस्तांतरण के फॉर्म 29 एवं 30 तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में करीब 15 वाहनों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 11 चार पहिया वाहन, 1 ट्रैक्टर मय ट्रॉली और 3 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं।

पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इस प्रकार के अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है। मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी पुष्पेंद्र आढ़ा के निर्देशन में थाना प्रभारी भूपेश शर्मा और जिला विशेष टीम ने संयुक्त रूप से की। यह कार्रवाई फाइनेंस वाहनों की अवैध खरीद-फरोख्त और संगठित ठगी के मामलों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है।

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