अहमदाबाद स्टेशन पर बुलेट ट्रेन के नीचे बने प्लेटफॉर्मों का सीआरएस ई. श्रीनिवास ने निरीक्षण किया।

अहमदाबाद, 28 अक्टूबर 2026। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे से भारतीय रेलवे की पारंपरिक ट्रेनों के परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास और यार्ड रीमॉडलिंग के तहत नवनिर्मित ब्रॉड गेज लाइन संख्या 16, 17 और 18 तथा उनसे संबंधित प्लेटफॉर्म संख्या 10, 11 और 12 का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पश्चिम सर्किल, मुंबई ने निरीक्षण किया। इसके साथ ही असारवा रेलवे स्टेशन और साबरमती ‘ए’ केबिन के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज बायपास लाइन (वाई-कनेक्टिविटी) का भी संरक्षा निरीक्षण पूरा हुआ है। आवश्यक संरक्षा स्वीकृति और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन प्लेटफॉर्मों से यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकेगा।

अहमदाबाद मंडल में रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण, परिचालन क्षमता के विस्तार और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर नई ब्रॉड गेज लाइनों का निर्माण, यार्ड रीमॉडलिंग और अतिरिक्त रेल संपर्क विकसित करना इसी दिशा में प्रमुख कदम हैं। इन परियोजनाओं से अहमदाबाद क्षेत्र में रेल परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने और भविष्य में ट्रेनों के सुचारू संचालन की क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त, पश्चिम सर्किल, मुंबई श्री ई. श्रीनिवास, अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री प्रदीप गुप्ता सहित रेलवे के निर्माण और ओपन लाइन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने इस उपलब्धि को भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे भारतीय रेलवे की ट्रेनों के परिचालन के लिए नए प्लेटफॉर्म और ब्रॉड गेज रेल लाइनों का निर्माण पूरा होना आधुनिक रेल अवसंरचना के विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि देश में पहली बार मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के अंतर्गत विकसित अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे भारतीय रेलवे की पारंपरिक ट्रेनों के परिचालन के लिए प्लेटफॉर्म संख्या 10, 11 और 12 तथा उनसे संबंधित रेल अवसंरचना विकसित की गई है। यह आधुनिक रेलवे इंजीनियरिंग और विभिन्न रेल प्रणालियों के बीच तकनीकी समन्वय का अनूठा उदाहरण है।

वेद प्रकाश के अनुसार, आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्मों से एक्सप्रेस ट्रेनें, वंदे भारत एक्सप्रेस और लोकल यात्री ट्रेनें संचालित की जा सकेंगी। इससे अहमदाबाद रेलवे स्टेशन की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक तथा सुगम रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नवनिर्मित प्लेटफॉर्म संख्या 10, 11 और 12 तथा संबंधित ब्रॉड गेज लाइनों का रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण पूरा हो चुका है। आवश्यक संरक्षा स्वीकृति और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इन प्लेटफॉर्मों से यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकेगा। उनके अनुसार, बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे से भारतीय रेलवे की ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और एकीकृत रेल परिवहन प्रणाली की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना आधुनिक भारत की बदलती रेल अवसंरचना और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे के विकास को दर्शाती है।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों के तहत आधुनिक रेल अवसंरचना तैयार की जा रही है। इस परियोजना की प्रमुख विशेषता बुलेट ट्रेन स्टेशन के नीचे से पारंपरिक रेलगाड़ियों के परिचालन की व्यवस्था है। हाई स्पीड रेल परियोजना के निर्माण कार्यों के कारण अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म संख्या 10 जुलाई 2022 से बंद था। अब नई ब्रॉड गेज लाइनों और संबंधित प्लेटफॉर्म अवसंरचना का निर्माण पूरा होने से प्लेटफॉर्म संख्या 10, 11 और 12 पर रेल परिचालन दोबारा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। संरक्षा स्वीकृति और तकनीकी एवं परिचालन संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन प्लेटफॉर्मों से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन और कांकरिया डिपो के बीच पांचवीं रेल लाइन का विकास भी क्षेत्र के रेल नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण परियोजना है। इस अतिरिक्त लाइन से रेल परिचालन के लिए उपलब्ध अवसंरचना का विस्तार होगा। इससे ट्रेनों के आवागमन का बेहतर प्रबंधन करने, परिचालन संबंधी बाधाएं कम करने और रेल यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। अहमदाबाद स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग और अतिरिक्त रेल लाइनों का विकास भविष्य में बढ़ने वाली रेल यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

अहमदाबाद क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए असारवा रेलवे स्टेशन और साबरमती ‘ए’ केबिन के बीच नई ब्रॉड गेज बायपास लाइन यानी वाई-कनेक्टिविटी का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। इस लाइन से रेल नेटवर्क को अतिरिक्त संपर्क मिलेगा। इससे विभिन्न रेल मार्गों के बीच ट्रेनों के संचालन की योजना बनाने और रेल यातायात का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। परियोजना अहमदाबाद क्षेत्र में उपलब्ध रेल अवसंरचना का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन का रेल इतिहास भी महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2017 से पहले स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 11 और 12 से मीटर गेज ट्रेनों का परिचालन होता था। उस समय अहमदाबाद–हिम्मतनगर मीटर गेज रेलखंड पर अहमदाबाद–उदयपुर फास्ट पैसेंजर, अहमदाबाद–खेड़ब्रह्मा पैसेंजर, अहमदाबाद–हिम्मतनगर पैसेंजर, अहमदाबाद–नांदोल–दहेगाम पैसेंजर और अहमदाबाद–उदयपुर एक्सप्रेस सहित कुल आठ जोड़ी यात्री सेवाएं संचालित होती थीं।

इसके अलावा अहमदाबाद–महेसाणा पैसेंजर, अहमदाबाद–बोटाद पैसेंजर, अहमदाबाद–रणुज पैसेंजर और अहमदाबाद–महेसाणा एक्सप्रेस सहित पांच जोड़ी अन्य यात्री रेल सेवाएं भी चलती थीं। इन सेवाओं ने अहमदाबाद को आसपास के शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय के साथ गेज परिवर्तन, रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक अवसंरचना के विकास से स्टेशन की परिचालन व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। अब नई ब्रॉड गेज लाइनें, आधुनिक प्लेटफॉर्म और बुलेट ट्रेन परियोजना के साथ विकसित की जा रही रेल सुविधाएं स्टेशन के विकास में नया अध्याय जोड़ रही हैं।

पश्चिम रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में शामिल अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर बढ़ती रेल यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए व्यापक यार्ड रीमॉडलिंग और अवसंरचना के आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत ब्रॉड गेज लाइन संख्या 16, 17 और 18 का निर्माण पूरा किया गया है। इन लाइनों के परिचालन में आने से स्टेशन पर उपलब्ध रेल अवसंरचना का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा और अतिरिक्त परिचालन क्षमता विकसित होगी। प्लेटफॉर्म संख्या 10, 11 और 12 से यात्री ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होने पर स्टेशन की परिचालन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

नई रेल लाइनों को यात्री परिचालन के लिए तैयार करने की प्रक्रिया में रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण महत्वपूर्ण चरण है। पश्चिम रेलवे द्वारा रेल संरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों, तकनीकी आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं के अनुपालन को प्राथमिकता दी जा रही है। आवश्यक संरक्षा स्वीकृति मिलने और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नई रेल लाइनों तथा संबंधित प्लेटफॉर्मों से यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकेगा।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर नई ब्रॉड गेज लाइनें, असारवा–साबरमती वाई-कनेक्टिविटी और अहमदाबाद–कांकरिया डिपो के बीच पांचवीं रेल लाइन क्षेत्र की परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। मीटर गेज की ऐतिहासिक विरासत से आधुनिक ब्रॉड गेज नेटवर्क और बुलेट ट्रेन जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं तक स्टेशन की विकास यात्रा भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और बदलते स्वरूप को दर्शाती है। पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध कराने तथा रेल अवसंरचना के निरंतर विकास और आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

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