उत्तर पश्चिम रेलवे में 1 नवंबर से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0, पेंशनभोगियों के लिए विशेष शिविरों की तैयारी तेज
1 से 30 नवंबर तक आयोजित शिविरों में पेंशनभोगी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे, बैंकों को होम विजिट के भी दिए गए निर्देश।
जयपुर स्थित उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय के सभागार में बैठक करते रेलवे अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि दिख रहे हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे में पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 5.0 चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन और रेलवे तथा बैंकों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए जयपुर स्थित उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिविरों के आयोजन, पेंशनभोगियों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी श्री विष्णु बजाज तथा मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री विनोद कुमार ने की। इसमें उप मुख्य लेखा अधिकारी श्री केसरी मीना, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी श्रीमती हीना अरोड़ा, सहायक वित्त सलाहकार श्री सुरेश कुमावत, सहायक कार्मिक अधिकारी श्री भारत भूषण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा SBI CPPC के AGM श्री नित्यानंद प्रसाद के साथ पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक एवं यूनियन बैंक के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, बैठक में श्री विष्णु बजाज ने 1 से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के सफल संचालन के लिए रेलवे और बैंकों के बीच प्रभावी समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, सभी मंडलों, विभिन्न रेलवे स्टेशनों तथा रेलवे स्वास्थ्य इकाइयों सहित अन्य स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से संबंधित जानकारी विभिन्न समाचार पत्रों और उत्तर पश्चिम रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट https://nwr.indianrailways.gov.in के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी।
श्री बजाज ने अधिकारियों को अधिक से अधिक पेंशनभोगियों को समय पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उन पेंशनभोगियों की सुविधा पर भी विशेष जोर दिया, जो बैंक शाखा तक पहुंचने में असमर्थ हैं। ऐसे पेंशनभोगियों के लिए होम विजिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि उन्हें जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री विनोद कुमार ने पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशनभोगी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन कॉल पर अपनी व्यक्तिगत अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र स्वयं अथवा रेलवे द्वारा आयोजित शिविरों या संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से ही बनवाने की सलाह दी।
पेंशनभोगियों को यह भी सलाह दी गई कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ‘Jeevan Pramaan’ एवं ‘Aadhaar Face RD’ ऐप केवल आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। इससे फर्जी ऐप के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 1 से 30 नवंबर 2026 तक विभिन्न स्थानों पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पेंशनभोगी सुविधाजनक तरीके से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों को सरल, सुलभ एवं सुरक्षित डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना और जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है।