भारत-स्वीडन रणनीतिक साझेदारी: 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
दोनों देशों ने एआई, 6G तकनीक और विनिर्माण में सहयोग बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है।
भारत और स्वीडन ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने तथा एआई एवं 6G तकनीक में सहयोग बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय रणनीतिक कार्ययोजना बनाई है।
भारत और स्वीडन ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के तहत वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उभरती प्रौद्योगिकियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार के जरिए दोनों देश आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की तैयारी कर रहे हैं। स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को नई पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नई पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी पर जोर
अनुराग भूषण के अनुसार, भारत और स्वीडन का नया आर्थिक ढांचा पारंपरिक आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। दोनों देश व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं का विस्तार करते हुए अगली पीढ़ी के आर्थिक संबंध विकसित करने पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 में स्वीडन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित साझेदारी
भारत-स्वीडन रणनीतिक साझेदारी के चार प्रमुख स्तंभ हैं। इनमें रणनीतिक संवाद और सुरक्षा, नई पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती प्रौद्योगिकियां एवं विश्वसनीय कनेक्टिविटी और लोगों, पर्यावरण तथा लचीलेपन के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास शामिल हैं। दोनों देशों की सरकारों ने राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को व्यावसायिक परिणामों में बदलने के लिए पांच वर्षीय कार्ययोजना भी तैयार की है।
टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर पर सहयोग
प्रस्तावित स्वीडन-भारत टेक्नोलॉजी एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल नवाचार, उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचे और 6G से संबंधित प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
भारत में स्वीडिश कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी
अनुराग भूषण ने बताया कि भारत में काम करने वाली स्वीडिश कंपनियों की संख्या करीब एक वर्ष में 275 से बढ़कर लगभग 300 हो गई है। दोनों देश ‘मेक इन इंडिया, मेक विद स्वीडन’ मॉडल को बढ़ावा दे रहे हैं। इस मॉडल के तहत स्वीडन की तकनीक और नवाचार को भारत के विनिर्माण तंत्र तथा बड़े बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
2027 के द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन से बढ़ेगा कारोबारी सहयोग
वर्ष 2027 में भारत में प्रस्तावित भारत-स्वीडन द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन से कारोबारियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को साझा मंच मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत-स्वीडन इनोवेशन डे जैसी पहल स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और निजी कंपनियों के बीच व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने में मदद करेंगी।
भारत और स्वीडन की यह रणनीतिक साझेदारी व्यापार एवं निवेश के विस्तार के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल बुनियादी ढांचे, नवाचार और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में केंद्रित है। वर्ष 2030 तक आर्थिक आदान-प्रदान दोगुना करने का लक्ष्य इस साझेदारी के प्रमुख आर्थिक उद्देश्यों में शामिल है।