पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर हिलेरी क्लिंटन ने वैश्विक प्रभाव बांटने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति को लेकर पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रंप दुनिया को तीन हिस्सों में बांटने की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें पश्चिमी हिस्से पर अमेरिका, रूस और यूरोप पर व्लादिमीर पुतिन तथा बाकी दुनिया पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का प्रभुत्व होगा। हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप रूसी राष्ट्रपति पुतिन की कठपुतली बनने और उनकी मदद करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।

हिलेरी क्लिंटन ने वीडियो पॉडकास्ट में कारा स्विसर के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप की नीतियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "ट्रंप पुतिन की कठपुतली बनकर उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि ट्रंप का आइडिया इस दुनिया को तीन हिस्सों में बांटने का है। इसमें वह पश्चिमी हिस्से (उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, ग्रीनलैंड) को अपने पास रखेंगे, जबकि पुतिन को रूस और यूरोप मिलेगा। बाकी बची दुनिया शी जिनपिंग के खाते में आएगी।"

हिलेरी के अनुसार, ट्रंप पश्चिमी हिस्से पर अमेरिका का अधिकार चाहते हैं, जबकि यूरोप को पुतिन के हवाले करने की सोच रखते हैं। दुनिया के शेष हिस्से पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का प्रभाव होगा। उन्होंने ट्रंप की नीतियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी दुनिया को एक व्यवस्था में बांधने के बजाय तीन अलग-अलग हिस्सों पर तीन शक्तियों के प्रभुत्व को महत्व देते नजर आते हैं।

हिलेरी क्लिंटन के आरोपों के संदर्भ में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति भी चर्चा में है। ट्रंप लगातार कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कहते आ रहे हैं। ग्रीनलैंड को लेकर भी वह लगातार हमला करने की बात करते हैं। दक्षिणी अमेरिका में अपना प्रभाव स्थापित करने के लिए वह 'मुनरो डॉक्ट्रीन' का नया संस्करण 'डोनरो डॉक्ट्रीन' लेकर आए हैं। हिलेरी का आरोप है कि ट्रंप यूरोप में अपने मित्र देशों के साथ रिश्ते खराब कर रहे हैं, जबकि रूस और चीन के साथ दोस्ती बढ़ा रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकीं हिलेरी क्लिंटन का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार रूस और चीन की तरफ झुक रहे हैं। उनके मुताबिक, ट्रंप की सोच में दुनिया को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग शक्तियों का प्रभाव स्थापित करना शामिल है। इस व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी दुनिया को एक साथ बांधने पर जोर नहीं है।

पुतिन केवल यूक्रेन पर कब्जा करके नहीं रुकेंगे: हिलेरी क्लिंटन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर भी हिलेरी क्लिंटन ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि पुतिन केवल यूक्रेन पर कब्जा करके चुप बैठ जाएंगे, तो यह उसकी भूल है। हिलेरी के अनुसार, रूस आने वाले समय में यूरोप में भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेगा। उनका यह बयान यूरोप में रूस की भूमिका और ट्रंप की विदेश नीति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है।

हिलेरी इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप पर रूस की 'कठपुतली' होने का आरोप लगा चुकी हैं। वर्ष 2016 में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली बहस के दौरान भी उन्होंने ट्रंप पर इसी तरह का आक्षेप लगाया था। मौजूदा समय में ट्रंप की रूस संबंधी नीतियों ने एक बार फिर इस आरोप को चर्चा में ला दिया है।

क्रीमिया पर 2014 में रूस के हमले के बाद से अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। वर्ष 2022 में यूक्रेन पर हुए हमले के बाद इन प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान भी अमेरिका रूस से कुछ सामान खरीदता रहा है। अब ट्रंप की ओर से रूस से डीजल खरीदने का ऐलान अमेरिकी राजनीति में नया मुद्दा बन गया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी इस फैसले को लेकर ट्रंप को घेर रही है, जबकि ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ा फैसला बताया है। हिलेरी क्लिंटन के आरोपों ने अमेरिकी विदेश नीति, रूस और चीन के साथ संबंधों तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को लेकर बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है।