जोधपुर–उदयपुर रेल लाइन अपग्रेडेशन में 12 साल की देरी, हाईकोर्ट ने रेलवे से मांगा जवाब
जोधपुर–उदयपुर रेल लाइन के अपग्रेडेशन में लंबे समय से जारी देरी पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रेलवे से जवाब मांगा है। कोर्ट ने रेल मंत्रालय और रेलवे अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर से मारवाड़ जंक्शन होते हुए उदयपुर जाने वाली रेल लाइन के अपग्रेडेशन में लंबे समय से हो रही देरी पर रेलवे से जवाब मांगा है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्रीय रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
कोर्ट ने रेलवे को चार सप्ताह में जोधपुर–मारवाड़ जंक्शन–उदयपुर रेल मार्ग की वर्तमान स्थिति और अपग्रेडेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने रेलवे से स्पष्ट रूप से यह जानकारी मांगी है कि रेल मार्ग के अपग्रेडेशन की वर्तमान स्थिति क्या है।
याचिका में बताया गया है कि जोधपुर और उदयपुर के बीच लगभग 100 वर्ष पुरानी रेल लाइन है। वर्ष 1997 में ब्रॉडगेज ट्रैक के अपग्रेडेशन का हवाला देते हुए इस रेल सेवा को बंद कर दिया गया था। हालांकि, वर्ष 2014 तक भी अपग्रेडेशन का काम शुरू नहीं हुआ।
इसके बाद इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता के अनुसार वर्ष 2014 से वर्ष 2026 तक भी इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में रेल लाइन के अपग्रेडेशन में हो रही देरी का मामला राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्रीय रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए। कोर्ट ने रेलवे को चार सप्ताह के भीतर जोधपुर से मारवाड़ जंक्शन होते हुए उदयपुर जाने वाले ट्रैक के अपग्रेडेशन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और इससे संबंधित रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।