पश्चिम रेलवे: दो कर्मचारियों को मिला 'मैन ऑफ द मंथ' संरक्षा पुरस्कार
पॉइंट्समैन धर्मवीर मेहता और कोमल सिंह ने सतर्कता दिखाते हुए साबरमती और मोंठाला में संभावित रेल हादसों को टाला।
तस्वीर में पश्चिम रेलवे के अधिकारी और सम्मानित कर्मचारी एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पांडेय ने उत्कृष्ट कार्य, सतर्कता और सुरक्षित ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए रेल कर्मचारियों को “मैन ऑफ द मंथ” (जुलाई-2026) संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित कर्मचारियों में अहमदाबाद मंडल के पॉइंट्समैन श्री धर्मवीर मेहता और श्री कोमल सिंह शामिल हैं। दोनों ने अपनी सूझबूझ, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता से संभावित दुर्घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
14.07.2026 को साबरमती कोचिंग टर्मिनल पर 07:00 से 15:00 बजे की शिफ्ट में कार्यरत पॉइंट्समैन श्री धर्मवीर मेहता ने सतर्कता दिखाते हुए संभावित बड़ी घटना को टाल दिया। ट्रेन नंबर 19410 के पिट लाइन नंबर 2 पर आने के बाद दो sick कोचों को अलग कर उनकी जगह दो fit कोच जोड़ने का शंटिंग कार्य चल रहा था। इसी दौरान श्री धर्मवीर मेहता ने स्टेबलिंग लाइन 2 में खड़े कोच से धुआं निकलते देखा और तत्काल इसकी सूचना CYM (चीफ गार्ड मास्टर) को दी।
जांच में धुआं निकलने के कारण का पता चला। CYM के निर्देश पर श्री धर्मवीर मेहता ने दोनों कोचों को पीछे के लोड से काटकर अलग किया और सुरक्षित दूरी पर खड़ा कर दिया। इसके बाद खराब कोचों को अलग कर दिया गया। उनकी तत्काल कार्रवाई से आग को यार्ड में खड़े अन्य कोचों तक फैलने से रोका जा सका।
दूसरे मामले में 21.07.2026 को पॉइंट्समैन श्री कोमल सिंह मोंठाला में लेवल क्रॉसिंग नंबर 78 (ट्रैफिक, इंटरलॉक) पर ड्यूटी पर थे। उनकी ड्यूटी के दौरान ट्रेन नंबर E/BOXN/NLY स्टेशन से मेन लाइन से होकर गुजरी। ट्रेन की निगरानी करते समय उन्हें इंजन से 13वें वैगन के पहिए जाम अवस्था में दिखाई दिए। उन्होंने बिना विलंब इसकी सूचना कार्यरत स्टेशन मास्टर को दी।
स्टेशन मास्टर ने सेक्शन कंट्रोलर की सलाह से मोंठाला-कोठारा ब्लॉक सेक्शन में ट्रेन की जांच कराई। जांच में पहिया जाम पाया गया और पहिए के ऊपर मेटल डिपॉजिट भी मिला। मेटल डिपॉजिट हटाने के बाद फ्लैट टायर सामने आया। इसके बाद ट्रेन को नियंत्रित गति से अगले स्टेशन कोठारा तक ले जाया गया और खराब वैगन को लोड से अलग कर ट्रेन का संचालन किया गया। श्री कोमल सिंह द्वारा खराब वैगन की समय पर पहचान उनकी कार्यकुशलता, सतर्कता और संरक्षा के प्रति सजगता को दर्शाती है।
पश्चिम रेलवे ने इन कर्मचारियों की सतर्कता, समझदारी और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें “मैन ऑफ द मंथ” संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। दोनों कर्मचारियों की समय पर की गई कार्रवाई ने संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और रेलवे में संरक्षा के प्रति सर्तकता तथा जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।