MoS वी. सोमन्ना ने दिल्ली रेल मंडल के कंट्रोल ऑफिस का किया निरीक्षण, सुरक्षा पर जोर
रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने दिल्ली मंडल के कंट्रोल ऑफिस का निरीक्षण कर सुरक्षा, ट्रेन संचालन, समयबद्धता और जन शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने तकनीक के इस्तेमाल, कर्मचारियों की कार्यस्थितियों और रेलवे परिचालन में सुधार पर जोर दिया।
तस्वीर में दिल्ली मंडल कार्यालय के बाहर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों का समूह नजर आ रहा है।
रेल राज्य एवं जल शक्ति मंत्री वी. सोमन्ना ने बुधवार को दिल्ली मंडल के कंट्रोल ऑफिस का दौरा कर रेलवे परिचालन, सुरक्षा, ट्रेनों की समयबद्धता और जन शिकायतों समेत विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल ऑफिस के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की तथा दिल्ली के डीआरएम पुष्पेश आर. त्रिपाठी और उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की।
रेलवे मंडल का कंट्रोल ऑफिस परिचालन का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, जहां ट्रेन संचालन, रखरखाव की योजना, निगरानी और सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है। ये कार्य सप्ताह के सातों दिन और साल के 365 दिन लगातार संचालित होते हैं।
निरीक्षण के दौरान वी. सोमन्ना ने सेक्शन कंट्रोलरों के कामकाज के साथ कंट्रोल ऑफिस की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली देखी। इनमें इंजीनियरिंग, कोचिंग, गुड्स, कॉमर्शियल, सिग्नल एंड टेलीकॉम, ट्रैक्शन और सिक्योरिटी कंट्रोल शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली मंडल के अत्याधुनिक Supervisory Control and Data Acquisition (SCADA) Centre और War Room का भी दौरा किया।
दिल्ली मंडल भारतीय रेलवे नेटवर्क के सबसे जटिल प्रशासनिक मंडलों में शामिल है। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत में मंत्री ने रेलवे परिचालन की जटिलताओं को समझा और फ्रंटलाइन कर्मचारियों से आगे सुधार के संभावित क्षेत्रों को लेकर जानकारी ली। चर्चा में तकनीक के अधिक इस्तेमाल, कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार तथा रेलवे परिचालन और बुनियादी ढांचे के भविष्य के विकास के अवसरों पर भी विचार किया गया।
वी. सोमन्ना ने रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि ट्रेन संचालन, सुरक्षा निगरानी और रखरखाव की निगरानी में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में भारतीय रेलवे में इन क्षेत्रों में तकनीक को अपनाने की गति काफी तेज हुई है।
वी. सोमन्ना के अनुसार, तकनीक आधारित प्रणालियों ने मानवीय त्रुटियों को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने में मदद की है। भविष्य में इन प्रयासों को Make in India और अन्य नीतिगत पहलों पर निरंतर ध्यान के साथ और मजबूत किया जाएगा।
मंत्री ने रेलवे कर्मचारियों के अनुशासन, समर्पण और मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे काम करते हैं और उनका समर्पण सेना के समान प्रतिबद्धता के स्तर का है।
यह दौरा तकनीक आधारित निगरानी, परिचालन दक्षता, सुरक्षा पर्यवेक्षण और कर्मचारियों पर केंद्रित सुधारों को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि भारतीय रेलवे के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके।