भारतीय रेलवे ने बताया है कि वर्तमान में देशभर के महत्वपूर्ण ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (PDW) ‘रेल नीर’ की मांग मौजूदा संचालित रेल नीर प्लांटों के माध्यम से पूरी की जा रही है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को भारतीय रेलवे पर आवश्यकता और मांग के अनुसार चिन्हित स्थानों पर रेल नीर प्लांट स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार के अनुसार, पीपीपी मॉडल के तहत 1,00,000 बोतल प्रतिदिन क्षमता वाले एक रेल नीर प्लांट की स्थापना की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये है। इस लागत में प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) शेड का निर्माण तथा प्लांट एवं मशीनरी की स्थापना शामिल है, जबकि भूमि की लागत इसमें शामिल नहीं है।

वर्तमान में देशभर में कुल 19 रेल नीर प्लांट संचालित हैं। इनमें दिल्ली के नांगलोई, बिहार के दानापुर, महाराष्ट्र के अंबरनाथ, नागपुर और भुसावल, तमिलनाडु के पलूर, मध्य प्रदेश के मनेरी और मंडीदीप, उत्तर प्रदेश के अमेठी और हापुड़, हिमाचल प्रदेश के ऊना, असम के जागीरोड, पश्चिम बंगाल के सांकरैल, राजस्थान के कोटा, गुजरात के साणंद, ओडिशा के भुवनेश्वर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तथा आंध्र प्रदेश के सिम्हाद्री और विजयवाड़ा स्थित प्लांट शामिल हैं।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार, 5 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा रेल नीर प्लांटों के माध्यम से महत्वपूर्ण ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

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