रेलवे एक्ट 1989 में बड़े बदलाव: धूम्रपान, अतिक्रमण और अवैध हॉकरों पर अब लगेगा भारी जुर्माना
रेलवे एक्ट, 1989 की कई प्रमुख धाराओं में संशोधन के बाद केंद्रीय रेलवे ने धूम्रपान, अतिक्रमण, अनधिकृत हॉकर, भीख मांगने, उपद्रव और आपत्तिजनक वस्तुएं लाने जैसे मामलों में नए दंड और कानूनी प्रावधान लागू किए हैं। जानिए किन धाराओं में क्या बदलाव हुए।
केंद्रीय रेलवे ने आम जनता को सूचित किया है कि प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे एक्ट, 1989 की कई प्रमुख धाराओं में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधानों का उद्देश्य धूम्रपान, अतिक्रमण, अनधिकृत हॉकर, भीख मांगने और सुरक्षित यात्रा को प्रभावित करने वाली अन्य गतिविधियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी निवारक व्यवस्था तथा मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
संशोधित प्रावधानों के तहत धारा 167 के अंतर्गत धूम्रपान करने पर पहले अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना था, जिसे बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही पास या टिकट जब्त किया जाएगा तथा संबंधित व्यक्ति को रेलवे परिसर से हटाया जाएगा। यदि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो न्यायालय अधिकतम 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकेगा।
धारा 145 के अंतर्गत नशे की हालत में पाए जाने या उपद्रव करने के मामलों में पहले रेलवे परिसर से हटाने, पास या टिकट जब्त करने, अधिकतम 6 माह के कारावास और 500 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान था। पहली बार अपराध करने पर न्यूनतम 100 रुपये तथा दोबारा अपराध करने पर एक माह के कारावास और 250 रुपये जुर्माने का प्रावधान लागू था। संशोधित व्यवस्था के अनुसार अब रेलवे परिसर से हटाने और पास या टिकट जब्त करने के साथ अधिकतम 24 घंटे का साधारण कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों, या सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया गया है। यदि उपद्रव जारी रहता है तो अधिकतम 6 माह का कारावास, 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान रहेगा। इसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धाराओं 355, 270, 292 एवं 293 के अनुरूप किया गया है।
धारा 147 के तहत रेलवे परिसर में अतिक्रमण और अतिक्रमण समाप्त करने से इनकार करने के मामलों में पहले अधिकतम 6 माह के कारावास या 1,000 रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों के साथ संबंधित व्यक्ति को रेलवे परिसर से हटाने का प्रावधान था तथा न्यूनतम जुर्माना 500 रुपये निर्धारित था। संशोधित प्रावधान के अनुसार यात्री क्षेत्र में अतिक्रमण करने पर परिसर छोड़ने से इनकार करने की स्थिति में 500 रुपये का दंड लगाया जाएगा। रेलवे क्षेत्र के दुरुपयोग पर पहले चेतावनी दी जाएगी, उसके बाद अधिकतम 3 माह का कारावास या 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान रहेगा। इस मामले में न्यूनतम जुर्माना 2,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यह प्रावधान बीएनएस की धारा 329 के अनुरूप किया गया है।
धारा 146 के तहत रेलवे कर्मचारी को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाने पर पहले अधिकतम 6 माह के कारावास या 1,000 रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान था। संशोधित व्यवस्था के अनुसार अब अधिकतम 3 माह का कारावास, 2,500 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान रहेगा। इसे बीएनएस की धारा 221 के अनुरूप किया गया है।
धारा 144 के अंतर्गत भीख मांगने और अनधिकृत हॉकरों के मामलों में पहले अधिकतम एक वर्ष के कारावास या 2,000 रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान था। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पहली तीन बार उल्लंघन करने पर प्रत्येक बार 2,000 रुपये का दंड लगाया जाएगा। यदि दंड का भुगतान नहीं किया जाता है तो न्यायालय अधिकतम 3 माह के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का आदेश दे सकेगा। दंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में आपराधिक प्रावधान भी लागू होंगे। चौथी और उसके बाद की प्रत्येक घटना में अधिकतम एक वर्ष के कारावास के साथ 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और आदतन अपराधियों के लिए इसे आपराधिक अपराध के रूप में बनाए रखा गया है। भीख मांगने को पहले ही जन विश्वास अधिनियम, 2023 के माध्यम से अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा चुका है।
धारा 165 के अंतर्गत अवैध रूप से आपत्तिजनक वस्तुएं लाने पर पहले 500 रुपये तक के जुर्माने तथा किसी भी चोट, हानि या नुकसान के लिए उत्तरदायित्व का प्रावधान था और इसे धारा 67 के तहत अपराध माना जाता था। संशोधित प्रावधान के अनुसार अब न्यूनतम 10,000 रुपये का दंड, वस्तुओं को हटाने तथा नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी तय की गई है। यदि दंड का भुगतान नहीं किया जाता है तो न्यायालय अधिकतम एक वर्ष के कारावास या न्यूनतम 10,000 रुपये के जुर्माने अथवा दोनों का आदेश दे सकेगा।
केंद्रीय रेलवे ने सभी यात्रियों और कर्मचारियों से इन संशोधित प्रावधानों की जानकारी रखने की अपील की है। रेलवे ने यात्रियों से हमेशा वैध टिकट के साथ यात्रा करने, आरक्षित श्रेणियों का सम्मान करने, रेलवे परिसर में अतिक्रमण, अनधिकृत हॉकर गतिविधियों और धूम्रपान से बचने तथा सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे कर्मचारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।
यह प्रेस विज्ञप्ति 5 अगस्त 2026 को जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/08/07 के अनुसार इसे केंद्रीय रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला द्वारा जारी किया गया है।