केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राजस्थान के 85 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चयनित किया गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और यात्री सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए मास्टर योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। प्रत्येक स्टेशन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई मास्टर योजना में स्टेशन और परिचलन क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार, स्टेशन का शहर के दोनों भागों के साथ एकीकरण, स्टेशन भवन में सुधार, प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और पेयजल बूथों में सुधार शामिल हैं।

इसके अलावा यात्रियों की संख्या के अनुरूप अधिक चौड़े ऊपरी पैदल पुल और भूमिगत पैदल पार पथ, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां और रैंप की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म की सतह में सुधार, प्लेटफॉर्म शेल्टर की व्यवस्था, ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क, पार्किंग क्षेत्र का विकास, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और बेहतर यात्री सूचना प्रणाली विकसित की जा रही है।

योजना के तहत एयर कॉनकोर्स, एक्जीक्यूटिव लाउंज, मल्टी मोडल एकीकरण, भूसुदर्शनीकरण सहित अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। आवश्यकता, चरणबद्धता और व्यवहार्यता के अनुसार संधारणीय और पर्यावरण अनुकूल समाधान अपनाए जा रहे हैं। दीर्घकाल में स्टेशन परिसरों को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने की भी परिकल्पना की गई है।

रेल मंत्रालय के अनुसार अब तक अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में विकास के लिए 1340 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें राजस्थान के 85 स्टेशन शामिल हैं।

राजस्थान में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित स्टेशनों में भवानी मंडी, भीलवाड़ा, बिजयनगर, बीकानेर, बूंदी, चंदेरिया, आबू रोड, अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, आसलपुर जोबनेर, बालोतरा, बांदीकुई, बारां, बाड़मेर, बयाना, ब्यावर, भरतपुर, छबड़ा गुगोर, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, चूरू, दौसा, डीग, देगाना, देशनोक, धौलपुर, डीडवाना, डूंगरपुर, फालना, फतेहनगर, फतेहपुर शेखावाटी, गांधीनगर जयपुर, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोटन, गोविंदगढ़, हनुमानगढ़, हिण्डौन सिटी, जयपुर जं, जैसलमेर, जालौर, जवाई बांध, झालावाड़ सिटी, झुंझुनू, जोधपुर, कपासन, खैरथल, खेरली, कोटा जं, लालगढ़ जं, माण्डल गढ़, मंडावर महवा रोड, मारवाड़ भीनमाल, मारवाड़ जंक्शन, मावली जंक्शन, मेड़ता रोड जं, नागौर, नरैना, न्यू कोटा, नीम का थाना, नोखा, पाली मारवाड़, फलौदी जं, फुलेरा जं, पिंडवाड़ा, रायसिंह नगर, राजगढ़, रामदेवरा, रामगंजमंडी जंक्शन, राणा प्रतापनगर, रानी, रतनगढ़ जं, रेन, रींगस, सादुलपुर, सांगानेर, सवाई माधोपुर, श्री महावीरजी, सीकर, सोजत रोड, सोमेसर, श्रीगंगानगर, सुजानगढ़, सूरतगढ़ और उदयपुर सिटी शामिल हैं।

राजस्थान में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 18 स्टेशनों पर विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें बाड़मेर, बूंदी, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहनगर, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोटन, गोविंदगढ़, जैसलमेर, खैरथल, माण्डल गढ़, मंण्डावर महुवा रोड, राजगढ़, सोजत रोड और सोमेसर स्टेशन शामिल हैं।

जैसलमेर स्टेशन पर विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। यहां मुख्य प्रवेश द्वार पर नया स्टेशन भवन, प्रतीक्षा क्षेत्र के साथ 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, नया 6 मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल, परिचलन क्षेत्र का सुधार, पार्किंग, नया प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह का सुधार, लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

बाड़मेर स्टेशन पर भी विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसमें स्टेशन भवन का सुधार, परिचलन क्षेत्र का सुधार, नए 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह का सुधार, नया प्रतीक्षालय, शौचालय और लिफ्ट शामिल हैं।

राजस्थान के अन्य चयनित स्टेशनों पर भी पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर मुख्य प्रवेश द्वार और दूसरे प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन, दो मंजिला बेसमेंट, एयर कॉनकोर्स, थ्रू रूफ लॉन्चिंग, प्लेटफॉर्म शेल्टरों का प्रावधान, प्लेटफॉर्म सतह में सुधार और परिचलन क्षेत्र में सुधार के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। यहां परिष्करण कार्य शुरू कर दिया गया है।

जयपुर जंक्शन स्टेशन पर दौसा छोर पर 6 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल, दूसरे प्रवेश द्वार पर बेसमेंट, पहुंच मार्ग, मुख्य प्रवेश द्वार पर बेसमेंट का संरचनात्मक कार्य, एयर कॉनकोर्स का संरचनात्मक कार्य और कॉनकोर्स को जोड़ने वाले 8 मीटर चौड़े केंद्रीय ऊपरी पैदल पुल के कार्य पूरे हो चुके हैं। सीकर छोर पर 6 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल, मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन के संरचनात्मक कार्य, रेलपथ के किनारे ऊपरी पैदल पुल और केंद्रीय ऊपरी पैदल पुल की छत व फर्श के कार्य शुरू किए गए हैं।

न्यू कोटा स्टेशन पर स्टेशन भवन के अग्र और पश्च भाग के संरचनात्मक कार्य, पार्सल भवन, नए पैनल कक्ष, रेल सुरक्षा बल भवन, पश्च और अग्र भाग के परिचलन क्षेत्र में सुधार, प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर प्लेटफॉर्म शेल्टर और एयर कॉनकोर्स के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। लिफ्टों, स्वचालित सीढ़ियों, थ्रू रूफ, स्टेशन भवन के अग्र और पश्च भाग के परिष्करण, प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के प्लेटफॉर्म शेल्टर में सुधार, ऊपरी टैंक और भूमिगत टैंक के कार्य भी शुरू किए गए हैं।

चूरू स्टेशन पर नए स्टेशन भवन का निर्माण, प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 2 पर प्लेटफॉर्म शेल्टर का सुधार, बुकिंग कार्यालय, प्रतीक्षालय, विश्रामालय, शौचालय, सवारी डिब्बा संकेतक बोर्ड और संकेतकों की स्थापना के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। यहां लिफ्ट और 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल के कार्य शुरू किए गए हैं।

फालना स्टेशन पर स्टेशन भवन में सुधार, प्रवेश बरामदा, परिचलन क्षेत्र में सुधार, पार्किंग, प्रवेश और निकास द्वार, प्रतीक्षालय, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, संकेतक, प्लेटफॉर्म शेल्टर और प्लेटफॉर्म सतह सुधार के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शौचालय ब्लॉक, 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल और लिफ्ट के कार्य शुरू किए गए हैं।

जवाई बांध स्टेशन पर परिचलन क्षेत्र में सुधार, पार्किंग, प्रवेश और निकास द्वार, बुकिंग काउंटर, प्रवेश बरामदा, प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह का सुधार, शौचालय ब्लॉक, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, संकेतक, नया विश्रामालय और दूसरे प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन के विकास संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। यहां 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल और पानी के बूथों के कार्य शुरू किए गए हैं।

रेल मंत्रालय ने बताया कि यात्री सुविधाओं सहित स्टेशन का विकास, पुनर्विकास, उन्नयन और आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। इस संबंध में कार्य आवश्यकता, सापेक्ष प्राथमिकता और धन की उपलब्धता के अनुसार शुरू किए जाते हैं। रेलवे स्टेशनों के विकास कार्य स्टेशन की श्रेणी, स्थिति और संभाले जाने वाले यातायात के आधार पर किए जाते हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशनों के विकास और आधुनिकीकरण को सामान्यतः योजना शीर्ष-53 ‘ग्राहक सुविधाएं’ के तहत वित्तपोषित किया जाता है। योजना शीर्ष-53 के तहत निधि आवंटन और व्यय का विवरण क्षेत्रीय रेलवे-वार रखा जाता है, न कि स्टेशन-वार या राज्य-वार।

राजस्थान पांच क्षेत्रीय रेलों उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है। इन क्षेत्रीय रेलों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 5,642 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें से जून 2026 तक 1,696 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है।

राजस्थान में माल यातायात टर्मिनलों के विकास के लिए भी गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) नीति के तहत कार्य किया जा रहा है। निजी निवेश के माध्यम से कार्गो टर्मिनलों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस नीति में टर्मिनल की अवस्थिति का निर्णय उद्योग से प्राप्त मांग, कार्गो यातायात की संभाव्यता, रेल अवसंरचना की उपलब्धता और क्षेत्र की समग्र संभार तंत्र संबंधी संभाव्यता के आधार पर लिया जाता है।

अब तक राजस्थान के 10 गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों सहित देशभर में 142 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल कमीशन किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित माल संभलाई क्षमता प्रति वर्ष 224 मिलियन टन (एमटीपीए) है। इस नीति के तहत इन टर्मिनलों के माध्यम से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश जुटाया गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान इन गति शक्ति टर्मिनलों में 146 मिलियन टन माल यातायात की संभलाई की गई।

राजस्थान में कमीशन किए गए गति शक्ति टर्मिनलों में केरला, मारवाड़ मूंडवा, खेमली, भूपाल सागर, सोनू, हनवंत, सुंडलक, माण्डलगढ़, न्यू सराधना और हिरनोदा शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त राजस्थान में 14 स्थानों सहित 310 से अधिक स्थानों पर गति शक्ति टर्मिनल के विकास के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है।

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