BGB की बड़ी कार्रवाई: भारत में अवैध एंट्री की कोशिश कर रहे 4 रोहिंग्या पकड़े गए, 60 हजार टका लेकर फरार हुए तस्कर |
बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड फोर्स (BGB) ने पंचगढ़ जिले में भारत में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे चार रोहिंग्या नागरिकों को हिरासत में लिया है।
दूरबीन से निगरानी करते हुए बीजीबी के जवान और कतार में खड़े सुरक्षाकर्मी पंचगढ़ के मगुरमारी बॉर्डर इलाके में गश्त कर रहे हैं।
बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने एक बार फिर अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर रहे चार रोहिंग्या नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर उस सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क को उजागर कर दिया है, जो भारी-भरकम रकम लेकर सरहद पार कराने का अवैध कारोबार चला रहा है। पकड़े गए रोहिंग्या नागरिकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षाबलों ने समय रहते अपनी गिरफ्त में ले लिया।
यह सनसनीखेज मामला मंगलवार की रात पंचगढ़ सदर उपजिले के अंतर्गत आने वाले मगुरमारी बॉर्डर इलाके का है, जहां ये लोग गुप्त रूप से भारतीय सीमा में दाखिल होने की फिराक में थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मगुरमारी बॉर्डर आउटपोस्ट की एक सतर्क पेट्रोलिंग टीम सुबह करीब 6 बजे सतमेरा यूनियन के टिटीहीपारा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान बीजीबी के जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 600 गज अंदर, बांग्लादेशी भूभाग की तरफ मेन पिलर नंबर 742 के पास इन चारों को धर दबोचा।
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान कॉक्स बाजार के उखिया स्थित रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप नंबर 7 निवासी 23 वर्षीय मोहम्मद इनायतुल्लाह और उनकी 23 वर्षीय पत्नी जैनब बीबी के रूप में हुई है। इसके साथ ही, उखिया के ही जामोतोली कैंप नंबर 15 से ताल्लुक रखने वाले 23 वर्षीय इनामुल हसन और उनकी 20 वर्षीय पत्नी नूर कलिमा को भी पकड़ा गया है। ये सभी शरणार्थी शिविरों को छोड़कर अवैध रास्तों से सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पकड़े गए रोहिंग्याओं ने सुरक्षाबलों के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय सीमा में सुरक्षित प्रवेश कराने का झांसा देने वाले मानव तस्करों के एक गिरोह ने इस पूरे षड्यंत्र को रचा था। इस अवैध काम के एवज में तस्करों ने उनसे 60,000 टका की भारी रकम ली थी। हालांकि, जैसे ही मौके पर बीजीबी के जवानों की मौजूदगी की भनक तस्करों को लगी, वे डरकर चारों रोहिंग्याओं को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। इतना ही नहीं, भागने से पहले शातिर तस्कर उनके सभी मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए ताकि किसी प्रकार के डिजिटल सबूत हाथ न लग सकें।
कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए बीजीबी ने इन रोहिंग्याओं को उसी रात पंचगढ़ पुलिस को सौंप दिया, और इस मामले में 6 से 7 अज्ञात मानव तस्करों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सक्रिय दलालों और तस्करों के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अनिवार्यता को रेखांकित किया है।