पोखरण में दिखेगी भारत की नई ताकत! IAF के सामने प्रदर्शित होंगे स्वदेशी ड्रोन और डिफेंस सिस्टम
भारतीय वायु सेना अगले महीने पाकिस्तान बॉर्डर के पास पोखरण फायरिंग रेंज में स्वदेशी मानवरहित सिस्टम और ड्रोन का प्रदर्शन करेगी।
राजस्थान के पोखरण में वायु सेना के आगामी कार्यक्रम के संदर्भ में हवा में उड़ते हुए मानवरहित स्वदेशी ड्रोन और रक्षा उपकरणों की सांकेतिक छवि|
भारतीय वायु सेना (IAF) अगले महीने राजस्थान की पोखरण फायरिंग रेंज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है, जो पाकिस्तान सीमा से महज 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में देश की रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें स्वदेशी रूप से विकसित विभिन्न मानवरहित सिस्टम मुख्य आकर्षण होंगे। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को अत्याधुनिक स्वदेशी उत्पादों से अवगत कराना है, जिसमें लंबी दूरी के डिफेंस सिस्टम और स्वार्म ड्रोन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सितंबर के तीसरे हफ्ते में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मानवरहित प्रणालियों के क्षेत्र में काम करने वाली देश की कई प्रमुख रक्षा कंपनियां और स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, इस दौरान इंडस्ट्री द्वारा कई तरह के वन-वे अटैक ड्रोन का प्रदर्शन किए जाने की पूरी संभावना है, जिनका उपयोग हाल के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों जैसे ईरान और यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर देखा गया है।
भारतीय वायु सेना वर्तमान में 1,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाले ऐसे उन्नत ड्रोन देखने में गहरी रुचि दिखा रही है, जो ऑपरेटर को लाइव वीडियो फीडबैक भेजने में सक्षम हों। इसके अलावा, इस कार्यक्रम में 300 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज वाले स्वार्म ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उपयोग किए जाने वाले एक्सपेंडेबल यानी एक बार इस्तेमाल होने वाले ड्रोन का भी प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।
आधुनिक युद्ध क्षेत्रों में जैमर और स्पूफिंग हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए, भारतीय वायु सेना ऐसे विशिष्ट ड्रोन भी तलाश रही है जो इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एमीटर को सटीक रूप से ट्रैक करके उन्हें पूरी तरह नष्ट कर सकें। केवल अटैक ड्रोन तक ही नहीं, बल्कि रक्षा उद्योग इस कार्यक्रम के दौरान आधुनिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन का भी प्रदर्शन कर सकता है। ये बहुउपयोगी ड्रोन विभिन्न प्रकार के जटिल मिशनों को पूरा करने में सक्षम हैं, जैसे कि युद्ध क्षेत्र से घायलों को सुरक्षित निकालना, समय पर मेडिकल सप्लाई पहुंचाना और अत्यधिक ऊंचाई पर दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों तक आवश्यक कार्गो की आपूर्ति करना।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन से स्वदेशी रक्षा उत्पादन को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान बॉर्डर के बेहद करीब स्थित पोखरण फायरिंग रेंज में इन आधुनिक हथियारों और स्वदेशी मानवरहित प्रणालियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।