असम बाढ़ में सेना का ‘ऑपरेशन जल राहत’: 1000 से ज्यादा लोगों को बचाया, बच्चों-बुजुर्गों के लिए बने फरिश्ते जवान|

असम में बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने ऑपरेशन जल राहत के तहत 1000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला और राहत सामग्री पहुंचाई।

Update: 2026-07-30 07:00 GMT

असम में बाढ़ के दौरान भारतीय सेना के जवानों द्वारा नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। 

असम में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और इस संकट की घड़ी में भारतीय सेना ने एक बार फिर से मानवता की मिसाल पेश की है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के पानी के बीच फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत' की शुरुआत की है। इस विशेष बचाव अभियान के तहत सेना के जवान लगातार मुस्तैद रहकर राहत कार्य चला रहे हैं और दूर-दराज के इलाकों में फंसे परिवारों तक मदद पहुंचा रहे हैं।

भारतीय सेना सिर्फ सीमाओं पर ही देश की सुरक्षा के लिए तत्पर नहीं रहती, बल्कि जब भी देश में किसी प्रकार का प्राकृतिक संकट आता है, तब हमारे वीर फौजी जनता की मदद के लिए सबसे आगे आते हैं। असम में बाढ़ के बीच भारतीय सेना के राहत कार्यों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें सैनिक छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों को अपनी गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हुए नजर आ रहे हैं। सेना के इस मानवीय और साहसी रूप ने देशवासियों का दिल जीत लिया है।

असम में आई इस भयंकर बाढ़ के बीच भारतीय सेना सिविल प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के अनुसार, विशेष कोर बचाव और राहत अभियानों को अंजाम दे रहे हैं। सेना के जवान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ कनेक्टिविटी बहाल करने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके सबसे दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में फंसे परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।

सेना द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जवान किस प्रकार अपनी जान की परवाह किए बिना बाढ़ के पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। छोटे बच्चों को सुरक्षित निकालने से लेकर बुजुर्ग नागरिकों को बोट या गोद में उठाकर सुरक्षित ठिकानों तक ले जाने का कार्य पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है। इसके साथ ही, प्रभावित लोगों के बीच दवाइयों का वितरण और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक भारतीय सेना ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक आम नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इसके साथ ही, दो सौ से अधिक लोगों को तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान की गई है। राहत सामग्री के वितरण के तहत प्रभावित क्षेत्रों में 19 टन अनाज, 30,500 से अधिक खाने के पैकेट और 43,000 लीटर से ज्यादा शुद्ध पेयजल का वितरण किया गया है। इसके अलावा, ताजी सब्जियां, दूध, कपड़े, हाइजीन किट और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी जरूरतमंदों तक पहुंचाई गई है।

भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि वह असम के लोगों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। सेना वहां उम्मीद, राहत और भरोसा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। देश की रक्षा करने के साथ-साथ आपदा के समय नागरिकों का जीवन बचाने वाले इन वीर सैनिकों के समर्पण भाव पर पूरे देश को गर्व है। इंटरनेट यूजर्स भी सोशल मीडिया के माध्यम से सेना के इस साहसिक अभियान की सराहना कर रहे हैं और सैनिकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर रहे हैं।

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