भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, गोलीबारी में मौत के बाद भारतीय युवक के अपहरण से बढ़ी चिंता|
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बढ़ने के बीच बीएसएफ की गोलीबारी में एक तस्कर मारा गया और स्थानीय लोगों ने एक भारतीय युवक को अगवा कर लिया।
सीमा बाड़ के पास गश्त करते हुए बीएसएफ के जवान भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़े तनाव और सुरक्षा गतिविधियों के दौरान नजर आ रहे हैं।
भारत और बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि सीमा सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के बीच कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) फोर्स ने यह आधिकारिक बयान जारी किया है कि भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने कथित तौर पर एक घुसपैठ कर रहे समूह पर गोलीबारी की, जिसमें एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। बीजीबी द्वारा मृतक की पहचान कुलाउरी के मुरीछारा स्लम में रहने वाले 20 वर्षीय तारा मिया के रूप में की गई है, जो कथित तौर पर अवैध रूप से भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश कर गया था।
बीजीबी बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल सरकार आसिफ महमूद ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तस्करों का यह संदिग्ध समूह कुलाउरा सीमा से भारतीय इलाके में घुसा था, जिसके बाद बीएसएफ ने यह कार्रवाई की। मृत व्यक्ति के खिलाफ तस्करी से जुड़े मामले भी दर्ज बताए गए हैं। इस गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद सीमावर्ती इलाकों में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और इसके प्रतिक्रियास्वरूप स्थानीय स्तर पर विवाद और गहरा गया।
इसी तनाव के बीच एक अन्य बड़ी घटना में बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा एक भारतीय युवक को अगवा किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार को बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले से सटी भारतीय सीमा के पास हुई। अगवा किए गए भारतीय नागरिक की पहचान भारत के जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज इलाके के निवासी 35 वर्षीय दीपांकर गोप के रूप में की गई है। बांग्लादेशी स्थानीय लोगों का यह आरोप है कि उन्होंने यह जवाबी कदम एक 78 वर्षीय बुजुर्ग बांग्लादेशी नागरिक को बीएसएफ द्वारा पकड़े जाने के विरोध में उठाया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि तमीज उद्दीन नामक वह बुजुर्ग बांग्लादेशी किसान अपनी खोई हुई गाय को तलाशते हुए बिराजोत बॉर्डर इलाके में चला गया था, जहां उसे बीएसएफ ने पकड़ लिया था। बांग्लादेशी ग्रामीणों की मांग है कि जब तक तमीज उद्दीन को वापस उनके हवाले नहीं किया जाता, तब तक अगवा किए गए भारतीय युवक दीपांकर गोप को नहीं छोड़ा जाएगा। इस गंभीर गतिरोध को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों यानी बीजीबी और बीएसएफ के कंपनी कमांडरों के बीच फ्लैग मीटिंग भी आयोजित की गई, लेकिन शुरुआती दौर में इस उच्च स्तरीय बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। सीमा पर लगातार गरमाते इस माहौल के कारण दोनों देशों के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, और स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है।