नोहर में चाय व्यापार को मंडी अधिनियम के दायरे से बाहर रखने की मांग को लेकर पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया को ज्ञापन सौंपते व्यापारी किशोरी लाल पारीक, राजेंद्र कंदोई, अजय सरिया, मुन्नालाल जोशी, प्रेम कंदोई और रामदेव तिवाडी।

नोहर, 17 अक्टूबर। राजस्थान में चाय व्यापार पर कृषि उपज मंडी अधिनियम लागू किए जाने के विरोध में नोहर के चाय व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर चाय व्यापार को मंडी अधिनियम के दायरे से पूरी तरह बाहर रखने की मांग उठाई। व्यापारियों ने बताया कि मंडी समिति की ओर से दस्तावेज और शुल्क जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए जाने से उनमें असमंजस और नाराजगी की स्थिति है।

व्यापारियों के अनुसार, वर्ष 2024 में चाय व्यापार पर कृषक कल्याण शुल्क लगाया गया था, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया। इसके बावजूद अब नोहर कृषि उपज मंडी समिति की ओर से चाय व्यापारियों को दस्तावेज प्रस्तुत करने और शुल्क जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और चाय व्यापार को कृषि उपज मंडी अधिनियम से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की।

व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने तत्काल नोहर कृषि उपज मंडी समिति के सचिव से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने सचिव से चाय व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया। साथ ही व्यापारियों को आश्वस्त किया कि इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से बातचीत कर उन्हें निर्णय से अवगत करवाया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान चाय व्यापारी किशोरी लाल पारीक, राजेंद्र कंदोई, अजय सरिया, मुन्नालाल जोशी, प्रेम कंदोई और रामदेव तिवाडी सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे। चाय व्यापार पर मंडी अधिनियम लागू करने और शुल्क व दस्तावेजों से जुड़े नोटिस जारी होने का मामला अब व्यापारियों की प्रमुख मांग बन गया है। ऐसे में उनकी नजर मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से होने वाली बातचीत तथा इस संबंध में लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी है।

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