नोहर: नहर में पानी की कमी और खारे जल से सरसों की बुवाई पर संकट
अमरसिंह ब्रांच की एनटीआर नहर में पानी न मिलने से किसान ट्यूबवेल के खारे पानी से सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता पर असर पड़ रहा है।
नोहर में बारिश के अभाव और अमरसिंह ब्रांच की एनटीआर नहर में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से रबी की बुवाई पर संकट गहराने लगा है। खेतों में नमी की कमी के कारण किसान परेशान हैं। समय पर सरसों की बुवाई के लिए किसानों को ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है, लेकिन क्षेत्र में ट्यूबवेलों से मिलने वाला खारा पानी भी खेती के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।
नोहर, 17 अक्टूबर। क्षेत्र में बारिश नहीं होने और नहर से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों के सामने खेत तैयार करने की चुनौती खड़ी हो गई है। ढाणी अराईयान क्षेत्र में किसान ट्यूबवेल से फव्वारा पद्धति के जरिए खेतों में सिंचाई कर जमीन में नमी बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि सरसों की बुवाई समय पर की जा सके। इसके बावजूद नहरों में पानी की उपलब्धता नहीं होने और बारिश के अभाव से खेती का संकट गहराने लगा है। खेतों में दूर-दूर तक सूखी जमीन नजर आ रही है और किसान किसी तरह बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं।
किसानों की परेशानी सिंचाई के पानी की कमी तक सीमित नहीं है। ट्यूबवेलों से मिलने वाला खारा पानी भी खेती के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। किसानों के अनुसार, खारे पानी का लगातार उपयोग करने से जमीन की उपजाऊ क्षमता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में नहर के पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण ट्यूबवेलों पर निर्भरता बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है। इससे किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
रबी का सीजन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरसों सहित अन्य फसलों की बुवाई समय पर नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण किसान असमंजस में हैं कि फसलों की बुवाई कैसे और कब की जाए। सिंचाई व्यवस्था के अभाव में किसान अपने स्तर पर वैकल्पिक इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन इनसे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
किसानों ने जिला कलक्टर और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से अमरसिंह ब्रांच की एनटीआर नहर में तत्काल पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि रबी की बुवाई को ध्यान में रखते हुए समय रहते नहर में पानी पहुंचाना जरूरी है, ताकि खेतों में नमी बनी रहे और फसलों की बुवाई प्रभावित न हो।
अब किसानों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। बारिश के अभाव, नहर में पानी की कमी और खारे ट्यूबवेल पानी की समस्या के बीच रबी की बुवाई का समय निकलने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में समय रहते सिंचाई पानी की व्यवस्था नहीं होने पर बुवाई में देरी किसानों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।